75th Independence Day: 15 अगस्त 1947 को ही क्यों आजाद हुआ भारत?

भारत इस साल अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस (Swatantrata diwas) मना रहा है. (How many years has India got Independence Day in 2021?) यह तकरीबन आठवी बार होगा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2021 को लाल किले तिरंगा फहराएंगे और भाषण देंगे.

भारत इस साल अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस (Swatantrata diwas) मना रहा है. (How many years has India got Independence Day in 2022) यह तकरीबन आठवी बार होगा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त 2021 को लाल किले तिरंगा फहराएंगे और भाषण देंगे.

बहरहाल, (15 August 2022) आजादी के 8 दशक देख चुका इंडिया इस लंबी यात्रा के बहुआयामी विकास का साक्षी रहा है. 200 सालों की अंग्रेजों की गुलामी के बाद गांधी, नेहरु, पटेल, तिलक, भगतसिंह सहित लाखों क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर देश को आजादी दिलाई.

भारत की आजादी की लड़ाई के दौरान दुनिया भर में भी उथल-पुथल देखी गई. प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध हुआ, रूस और फ्रांस की क्रांति हुई. खुद भारत का भौगोलिक बंटवारा हुआ जो दुनिया के इतिहास में सबसे बडी त्रासदी रही.

भारत में करीब 5 लाख और पाकिस्तान में 2 लाख लोग मारे गये. विश्व में इसी उथल-पुथल के बीच जहां इंडिया अंग्रेजों से आजाद हुआ वैसे ही दुनिया के नक्शे पर तीन और मुल्क आजाद हुए. खास बात यह है कि भारत को स्वतंत्रता के बाद जब देश का विभाजन हुआ तो बरमा भी इंडिया का हिस्सा था.

भारत को क्यों मिली 15 अगस्त को आजादी (Why Independence day Celebrate on 15 August) 

बहरहाल, सवाल उठता है कि आखिर अंग्रेजों ने भारत को 26 फरवरी 1947 की बजाय 15 अगस्त 1947 को ही क्यों आजादी देनेे का फैसला किया? जबकि ब्रिटिशर्स पहले ही इंडिया को स्वतंत्रत कर देना चाहते थे. इसके लिए ब्रिटिश सरकार ने एक अहम पॉलिसी की भी घोषणा की थी.

यह पॉलिसी उस समय के मुताबिक बहुत ही अहम थी. इसके अंतर्गत भारत को जून 1948 तक स्वतंत्र करने का निर्णय लिया गया.

भारत को आजादी देने के लिए जिस व्यक्ति को ब्रिटिश शासन ने नियुक्त किया उसका नाम था लॉर्ड माउंटबैटन जो भारत का वायसरॉय नियुक्त किया गया.

Image source: Pixabay.com
Image source: Pixabay.com

माउंटबेटन ने बदली भारत की आजादी की तारीख (Independence day 2019 india how many years)

चूंकि इस बात का निर्णय लिया जा चुका था कि भारत को आजादी 26 फरवरी 1947 को भारत को आजादी दी जानी थी, लेकिन बाद में ये फैसला बदल लिया गया. तत्कालीन वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन के प्रेस सचिव कैंपबेल जॉनसन के मुताबिक़ लॉर्ड ने बाद में यह फैसला बदल दिया और तारीख चुनी 15 अगस्त 1947.

जानकार बताते हैं कि इस दिन को लॉर्ड माउंटबेटन अपने कार्यकाल के लिए बेहद सौभाग्‍यशाली मानते थे. क्योंकि सेकेंड वर्ल्ड वॉर के समय ही 1945 में 15 अगस्‍त के ही दिन जापान की सेना ने उनकी अगुवाई में ब्रिटेन के सामने सरेंडर कर दिया था. माउंटबेटन उस समय संबद्ध सेनाओं के कमांडर थे. इस तरह वायसराय ने 14 अगस्त को पाकिस्तान को आजादी दी. 

हालांकि भारत को आजादी देने की तारीख बदलने के पीछे कई जानकार अलग-अलग राय रखते हैैं. वे मानते हैं कि उस समय तक गांधी जी का भारत छोड़ो आंदोलन अंग्रेज सरकार पर बहुत पड़ा दबाव डालने में कामयाब रहा. इधर जिन्ना-नेहरू के बीच बंटवारे के विवाद से भी लॉर्ड माउंटबेटन परेशान थे. लिहाजा भारत को जून 1948 की बजाय अगस्‍त 1947 में ही भारत की आजादी का फैसला लिया.

यह भी पढ़ें 

Independence Day 2018: भारत के अलावा 15 अगस्त को आजाद हुए कांगो, बहरीन और नॉर्थ कोरिया

15 अगस्त 2018: कैसे बना भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा

error: Content is protected !!