सोशल वर्क में हैं करियर की ढेरों ऑपर्चुनिटी

यदि आपकी समाज सेवा में रूची है और इसी क्षेत्र में अपना करियर भी बनाना चाहते हैं, तो सोशल वर्क का ऑप्शन आपके लिए सबसे बेहतर है. साथ ही इस कमसे आपको आत्मिक शांति भी मिलती है. हर साल सैकड़ों टेलेंटेड लोग अपनी लाखों की जॉब छोड़कर अपनी आत्मिक शांति के लिए किसी गांव, आदिवासी क्षेत्र और छोटी सी जगहों में गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों के लिए काम करते हैं.

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यदि आपकी समाज सेवा में रूची है और इसी क्षेत्र में अपना करियर भी बनाना चाहते हैं, तो सोशल वर्क का ऑप्शन आपके लिए सबसे बेहतर है. साथ ही इस कमसे आपको आत्मिक शांति भी मिलती है. हर साल सैकड़ों टेलेंटेड लोग अपनी लाखों की जॉब छोड़कर अपनी आत्मिक शांति के लिए किसी गांव, आदिवासी क्षेत्र और छोटी सी जगहों में गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों के लिए काम करते हैं.

उभरता हुआ करियर विकल्प 

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अब सोशल वर्क का मतलब सिर्फ गरीबों और जरूरमंदों की हेल्प करना ही नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बेहतर करियर ऑप्शन के रूप में आपके सामने है. समाज के प्रति आपनी जवाबदेहीको पूरा करने के साथ ही साथ जॉब करने के लिए आप इस सेक्टर को चुन सकते हैं. 

सीएसआर के तहत कई कंपनियां लगती हैं पैसा 

देश-विदेश की सैकड़ों कॉर्पोरेट कंपनियों के साथ ही कई अंतर्राष्ट्रीय एनजीओ भारत में सोशल वर्क का काम करने के लिए आते हैं. जिससे इस क्षेत्र में पहले की अपेक्षा अब करियर के ज्यादा अवसर उपलब्ध हैं. मल्टीनेशनल कंपनियां अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉसिंबिलिटी एक्टिविटी (सीएसआर) के तहत अपना पैसा सोशल सर्विस में लगाती हैं. 

कौन-कौन से हैं कोर्स 

यदि आप इस क्षेत्र में सक्रिय होना चाहते हैं तो सोशल वर्क से जुड़े कोर्स कर सकते हैं. देश में ऐसे कई संस्थान और विश्वविद्यालय हैं जो एनजीओ प्रबंधन व सोशल वर्क से जुड़े डिग्री और डिप्लोमा करवाते हैं. सोशल वर्क में बैचलर डिग्री, मास्टर्स डिग्री और डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं.

कहां से कर सकते हैं डिग्री 

सोशल वर्क से आप बैचलर और मास्टर्स डिग्री के साथ ही डिप्लोमा कोर्स देश के कुछ जाने-माने संस्थानों से कर सकते हैं. मुंबई में स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी और एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एनजीओ मैनेजमेंट के आलावा नोएडा में आप एडमिशन ले सकते हैं.

वहीं मदुरै कामराज विश्वविद्यालय, मदुरै तमिलनाडु -अन्नामलाई विश्वविद्यालय, अन्नामलाई नगर, तमिलनाडु, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ सेंटर ऑफ सोशल इनीशिएटिव एंड मैनेजमेंट, हैदराबाद -भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, गांधीनगर -जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, रांची -ग्रामीण प्रबंधन संस्थान, आणंद से डिग्री और डिप्लोमा कर सकते हैं. 

क्या हैं स्कोप 

बैचलर, मास्टर्स डिग्री और डिप्लोमा आपको डिजास्टर मैनेजमेंट, स्कूल में शिक्षा क्षेत्र में विकास, साइकोलॉजिकल क्षेत्र में विकास, हॉस्पिटल की सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य, चाईल्ड डेवलेमेंट, डिसिशन और मैनेजमेंट के क्षेत्र में विकास, अंतरराष्ट्रीय सोशल वर्क, किसी संस्था के लिए सामाजिक विकास व दवा के क्षेत्र में विकास जॉब मिल सकती है.  

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकता, सतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. अधिक जानकारी के लिए किसी करियर काउंसिल की सलाह जरूर लें.)