Mysore Dussehra : भारत ही नहीं पूरी दुनिया में मशहूर है मैसूर का दशहरा

नवरात्रि के दसवें दिन भारत में दशहरा (dussehra information) मनाया जाता है. भारत में इस दिन हर जगह रावण के पुतले का दहन किया जाता है. भारत में कुछ ऐसी जगह भी है जहां का दशहरा (famous dussehra) काफी मशहूर है. जैसे मैसूर का दशहरा (mysore dasara). मैसूर का दशहरा अपने आप में एक त्योहार है जिसे देखने के लिए देश ही नहीं विदेश से लोग आते हैं. अगर आप भारत में रहते हैं तो आपको एक बार मैसूर के दशहरे में जरूर (mysore dussehra information) जाना चाहिए और मैसूर का दशहरे के बारे में (about mysore dussehra) जानकारी भी होना चाहिए.

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नवरात्रि के दसवें दिन भारत में दशहरा (dussehra information) मनाया जाता है. भारत में इस दिन हर जगह रावण के पुतले का दहन किया जाता है. भारत में कुछ ऐसी जगह भी है जहां का दशहरा (famous dussehra) काफी मशहूर है. जैसे मैसूर का दशहरा (mysore dasara). मैसूर का दशहरा अपने आप में एक त्योहार है जिसे देखने के लिए देश ही नहीं विदेश से लोग आते हैं. अगर आप भारत में रहते हैं तो आपको एक बार मैसूर के दशहरे में जरूर (mysore dussehra information) जाना चाहिए और मैसूर का दशहरे के बारे में (about mysore dussehra) जानकारी भी होना चाहिए.

मैसूर का दशहरा (mysore dussehra information)

मैसूर का दशहरा (mysore dasara) दुनियाभर में लोकप्रिय है. मैसूर भारत का एक ऐसा शहर है जिसे पर्यटन के हिसाब से काफी अच्छा माना जाता है. यहाँ पर देश के कई वीर राजा हुए हैं और आज भी उनकी पीढ़ियाँ मैसूर के किले में हैं. उन्हीं के द्वारा मैसूर का दशहरा (mysore dussehra) मनाया जाता है. यहाँ पर ये पूरे दस दिन का त्योहार होता है जिसे बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है.

कब से मनाया जा रहा है मैसूर का दशहरा (History of mysore dasara)

मैसूर के दशहरे (mysore dussehra starting) की शुरुवात साल 1610 में दक्षिण भारत के सबसे शक्तिशाली राजवंश विजय नगर साम्राज्य द्वारा की गई थी. अब इसे लगभग 400 से ज्यादा साल हो चुके हैं. हर साल इसका आयोजन 10 दिन के लिए किया जाता है जिसमें लोगों को मैसूर के किले में घूमने की अनुमति भी होती है. इस दौरान कई विशेष कार्यक्रम जैसे गायन-वादन, परेड, जुलूस आदि भी होते हैं.

मैसूर दशहरे की जानकारी (mysore dasara information)

मैसूर में शाही दशहरा मानना के पीछे एक कारण ये भी बताया जाता है की माँ दुर्गा ने नवरात्रि में दशमी के दिन महिषासुर का वध किया था. मैसूर का नाम भी महिषासुर के नाम पर ही रखा गया है. महिषासुर के बारे में बताया जाता है की उसके पिता असुरों के प्रमुख थे और वो एक भैंस से प्रेम कर बैठे थे. उसी के फलस्वरूप महिषासुर का जन्म हुआ.

महिषासुर के पास कई मायावी शक्तियाँ थी. महिषासुर कभी भी इंसान का रूप और कभी भी एक भैंस का रूप धारण कर सकता था. महिषासुर ने सभी दानवों और दैत्यों को इकट्ठा करके स्वर्ग पर आक्रमण किया था और सभी देवताओं को परास्त करने के बाद वो स्वर्ग का राजा बन गया था तब माँ दुर्गा ने इसका वध किया और पृथ्वी और स्वर्ग को महिषासुर के आतंक से बचाया.

मैसूर दशहरे की खास बात (mysore dasara procession)

मैसूर का दशहरा काफी खास होता है क्योंकि ये एक शाही दशहरा है. यहा सिर्फ रावण का दहन नहीं किया जाता बल्कि और भी काफी सारी चीजें की जाती है जिसके कारण लोग यहाँ आते हैं. मैसूर दशहरे की खास बातें निम्न हैं.

– मैसूर दशहरा उत्सव में मैसूर पैलेस को रंग-बिरंगी लाइट से सजाया जाता है. इस दिन आप मैसूर पैलेस में घूम भी सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको पहले से टिकट की बुकिंग करनी होती है.

– मैसूर दशहरा उत्सव में महल को सजाने के अलावा गायन-वादन और नृत्य का आयोजन भी किया जाता है. जिसमें पर्यटकों का जमावड़ा रहता है.

– मैसूर दशहरा उत्सव की सबसे खास बात है इसकी शोभा यात्रा. इसे शाही अंदाज में निकाला जाता है. स्थानीय लोग इसे जंबू सवारी कहते हैं. इसमें ढेर सारे हथियों की शाही सवारी निकलती है जिस पर माँ दुर्गा सवार होती है. यहाँ देखने लायक चीज हाथी पर लगा हौदा है जो काफी पुराना है.

– मैसूर दशहरा उत्सव में मैसूर पैलेस के ठीक सामने प्रदर्शनी भी लगाई जाती है. इसकी शुरुवात साल 1880 में मैसूर के महाराज चामराजा वाडियार दशम ने की थी. इस प्रदर्शनी में कपड़े, साज-सज्जा के सामान की कई चीजें आप खरीद सकते हैं.

मैसूर दशहरे का हौदा (Mysore dasara houda)

मैसूर दशहरे की सबसे लोकप्रिय चीज है ‘हौदा’. हाथी पर सजाया जाने वाला हौदा मैसूर दशहरे की सबसे आकर्षक चीज है जिसे देखने के लिए पर्यटक उतावले रहते हैं. दशहरे के दिन सभी की निगाहे इस हौदे पर टिकी होती है जो बलराम नामक हाथी के सिर पर सजाया जाता है. इस हाथी के साथ 11 और हाथी होते हैं. इस उत्सव को अंबराज भी कहते हैं.

मैसूर का हौदा 750 किलो का है और इसमें 80 किलो सोना लगा हुआ है. ये मैसूर के कारीगरों की कारीगरी का एक अनूठा उदाहरण है. ये हौदा मैसूर के वैभवशाली इतिहास की कहानी कहता है. इस हौदे पर फूल पत्तियों की सुंदर नक्काशी है. इसे देख कर ये विश्वास कर पाना मुश्किल होता है की इसे छेनी और हथौड़े के दम पर बनाया गया है.

मैसूर दशहरा टिकट बुकिंग (mysore dasara tickets)

मैसूर का दशहरा पूरे भारत में लोकप्रिय दशहरा है. इसे भारत में शाही दशहरा भी कहा जाता है. अगर आप घूमने के शौकीन हैं तो एक बार जरूर मैसूर के दशहरे का लुत्फ लें. मैसूर के दशहरे में जाने के लिए आपको पहले इसकी टिकट बुक करनी होती है. टिकट बुक करने के लिए आप मैसूर दशहरा की वेबसाइट (https://www.mysoredasara.gov.in/) पर जा सकते हैं.

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