ट्रेन से मोबाइल गिर जाए तो क्या करें, चेन खींचने के क्या नियम है?

ट्रेन को रोकने के लिए ट्रेन में जंजीर दी गई होती है जिसे खींचकर आप चलती ट्रेन को रोक सकते हैं. लेकिन ट्रेन की जंजीर को खींचने से पहले ट्रेन की चेन खींचने के नियम (Train Chain Pulling Rule) के बारे में जान लेना चाहिए नहीं तो आप पर जुर्माना लगेगा और कानूनी कार्यवाही होगी.

भारत के अधिकतम लोग ट्रेन में सफर करते हैं. ट्रेन में सफर के दौरान कभी-कभी कोई ऐसी घटना हो जाती है जिसके कारण ट्रेन रोकने की जरूरत पड़ती है. ट्रेन को रोकने के लिए ट्रेन में जंजीर दी गई होती है जिसे खींचकर आप चलती ट्रेन को रोक सकते हैं. लेकिन ट्रेन की जंजीर को खींचने से पहले ट्रेन की चेन खींचने के नियम (Train Chain Pulling Rule) के बारे में जान लेना चाहिए नहीं तो आप पर जुर्माना लगेगा और कानूनी कार्यवाही होगी.

ट्रेन की चेन कब खींच सकते हैं? | Train Chain Pulling Condition|

कुछ विशेष परिस्थितियों में ट्रेन की चेन खींची जा सकती है.

– अगर कोई बच्चा या 60 साल से अधिक उम्र का यात्री छूट जाए और ट्रेन चल दे तो आप चेन खींच सकते हैं.

– ट्रेन में आग लगने की स्थिति में आप चेन खींच सकते हैं.

– किसी बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति के ट्रेन में चढ़ते वक़्त ट्रेन चल दे तो आप चेन खींच सकते हैं.

– ट्रेन के कोच में अचानक किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आ जाए या फिर तबीयत ज्यादा बिगड़ जाए तो ट्रेन की चेन खींच सकते हैं.

– ट्रेन में चोरी या डकैती की घटना हो जाए तो आप चेन खींच सकते हैं.

चेन खींचने पर ट्रेन कैसे रुकती है? | how train stop by pulling the chain?

ट्रेन के हर कोच के बीच में जंजीर दी जाती है जिसे खींचने पर ट्रेन रुकती है. लेकिन ऐसा नहीं है कि तेज स्पीड से चल रही ट्रेन आपके जंजीर खींचने पर तुरंत रुक जाएगी. यदि ट्रेन तुरंत रुकेगी तो ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो सकती है. ये जंजीर ट्रेन के मुख्य ब्रेक पाइप से जुड़ी होती है. इस पाइप में हवा का दबाव होता है जिससे ट्रेन रफ्तार में चलती रहती है. लेकिन जब जंजीर खींची जाती है तो ये हवा बाहर निकल जाती है और हवा के दबाव में आई कमी के कारण ट्रेन की रफ्तार धीमी हो जाती है और ट्रेन का लोको पाइलट ट्रेन को रोक देता है.

जंजीर खींचने की क्या सजा है? | Punishment for train chain pulling

यदि कोई व्यक्ति बेमतलब या सिर्फ मजे के लिए ट्रेन की जंजीर खींचता है तो तो इंडियन रेल्वे एक्ट 1989 की धारा 141 के तहत Railway Administration के काम में बाधा डालने के दोष में एक साल की सजा और 1 हजार रुपये जुर्माना य दोनों हो सकते हैं. अगर आप सजा से बचना चाहेंगे तो आपको जुर्माना ज्यादा देना होगा. इसमें पहली बार पकड़े जाने पर पाँच सौ रुपये जुर्माना लगेगा वहीं दो बार या उससे ज्यादा बार पकड़े जाने पर तीन महीने की कैद हो होगी.

ट्रेन से मोबाइल गिर जाए तो क्या करें? | What to do when Mobile drops from a train?

कई बार लोग ट्रेन के गेट पर बैठकर मोबाइल चलाते रहते हैं ऐसे में हवा के झोंकों के कारण मोबाइल गिर जाता है. अगर आपका मोबाइल किसी सुनसान जगह पर गिरता है तो आपका मोबाइल मिल सकता है. आपको बस इतना करना है कि जहां आपका मोबाइल गिरा है वहाँ या उसके आसपास का इलेक्ट्रिक पोल का नंबर लिख लें. इसके बाद RPF की हेल्पलाइन 182 पर कॉल करें और अपने मोबाइल गिरने की सूचना दे. उन्हें बताएं कि आपका मोबाइल किस स्टेशन के बाद गिरा है और किस इलेक्ट्रिक पोल के पास गिरा है. आपके द्वारा कॉल पर बताने के बाद रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स आपके मोबाइल को वहाँ जाकर उठाएगी और पिछले स्टेशन पर जाकर आप अपना मोबाइल उनसे ले सकते हैं.

यह भी पढ़ें :

गाड़ी चोरी होने पर करें ये काम, आसानी से मिलेगा बीमा क्लैम

Power of Attorney: पावर ऑफ एटॉर्नी क्या है, पावर ऑफ एटॉर्नी कैसे बनवाएँ?

Live In Relationship : लिव इन रिलेशनशिप को लेकर भारत में क्या है कानून?

error: Content is protected !!