वॉक करें और स्‍वस्‍थ व खुश बने रहें

अगर नियमित रूप से और लगन से किया जाए, तो 30 मिनट पैदल चलना स्ट्रोक या दिल की बीमारियों का खतरा कम कर सकता है, ब्लडप्रेशर में सुधार ला सकता है और हाई कोलेस्ट्रॉल तथा डायबिटीज़ पर लगाम लगाने में मददगार साबित हो सकता है.

फिलहाल हम जिस दौर में रह रहे हैं, उसे देखते हुए मन, शरीर और आत्मा के पूरे सुकून और सेहत को महत्व दिया जाना अब पहले की तुलना में कहीं ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है. ऐसे में, संपूर्ण सेहत के लिए सबसे ज्यादा सिफारिश की जाती है शारीरिक गतिविधियों की. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, शारीरिक गतिविधियों में बढ़ोतरी करके वयस्कों और किशोरों में विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य अवस्थाओं के दुष्प्रभावों को वैश्विक स्तर पर 15% तक कम किया जा सकता है. इसके अलावा, संगठन ने यह भी बताया है कि दुनिया भर में मौतों कीसंख्या के मामले में शारीरिक निष्क्रियता शीर्ष 10 प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है. इसलिए जहां तक एंडोर्फिन्स में उछाल लाने के तरीकों की बात है, तो लाइव-स्ट्रीम योग व मेडिटेशन क्लास से लेकर होम वर्कआउट की नई धुन तक, संभावनाएं अपार हैं। इसके साथ ही एक छुपा रुस्तम भी है, जो आपकी मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की सेहत पर उल्लेखनीय असर डाल सकता है और वह है- पैदल चलना.

वर्क फ्रॉम होम, यानी घर से ही काम लंबे अरसे तक जारी रहना है. ऐसे में अपनी शारीरिक और मानसिक दुरुस्ती की परवाह के लिए वक्त निकालना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है. चाहे वह बगल के पार्क में टहलना हो, दिन की चुस्ती-फुर्ती भरी शुरुआत के लिए पावर वाक हो, या फिर किराने का सामान लाने के लिए तेज-तेज चलकर जाना हो, रोजाना के रुटीन में शामिल किए जाने के लिहाज से चलना-फिरना सबसे आसान, सस्ती और लचीली गतिविधि है. वजन में कमी, मांसपेशियों में वृद्धि और बेहतर मेटाबॉलिज्म जैसे साफ दिखने वाले फायदों के अलावा, यह आपके कार्डियोवैस्कुलर और पल्मोनरी फिटनेस के लिए भी चमत्कार करता है. इसलिए अगर नियमित रूप से और लगन से किया जाए, तो 30 मिनट पैदल चलना स्ट्रोक या दिल की बीमारियों का खतरा कम कर सकता है, ब्लडप्रेशर में सुधार ला सकता है और हाई कोलेस्ट्रॉल तथा डायबिटीज़ पर लगाम लगाने में मददगार साबित हो सकता है.

जहां शारीरिक फिटनेस पर पैदल चलने के असर के बारे में काफी कुछ दर्ज किया जा चुका है, वहीं मानसिक स्वास्थ्य के लिए इसके लाभ अभी भी लगातार सामने आ रहे हैं. चलने से मस्तिष्क में ऑक्सीटोसिन और सेरोटोनिन जैसे ‘फील-गुड’ रसायन रिलीज होना शुरू होते हैं. ये रसायन तनाव व चिंता से निपटने में मदद करते हैं और मन को ज्यादा सुकून की अवस्था में पहुँचाते है. माइंडफुलनेस की स्थिति में, यह दिमाग की रचनात्मकता और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के साथ-साथ नींद में सुधार लाने में भी सहायक हो सकता है.

ये हैं कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से आप अपनी दिनचर्या में पैदल चलना प्रभावी ढंग से शामिल कर सकते हैं और उससे अधिकतम लाभ उठा सकते हैं.

धीमे चलें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं

पैदल चलने के अधिकतम फायदे पाने के लिए आपको लगभग 30 मिनट तक हल्की से मध्यम-तीव्रता वाली चाल से चलने की जरूरत होती है. भले ही 30 मिनट ज्यादा न लगते हों, परंतु यह आपके दिल की धड़कन बढ़ाने और शरीर को आरामदायक ढंग से हलचल देने के लिए काफी है. आप एक हफ्ते के लिए दिन में 10 मिनट चलने से शुरुआत कर सकते हैं, ताकि यह आपकी दिनचर्या में शामिल हो जाए और आपका स्‍टैमिना बढ़ सके.

चीजें आरामदायक हों

जूते, कपड़े, और एक्सेसरीज आरामदायक हों, तो चलने की गतिविधि पर ज्यादा फोकस रखा जा सकता है, जो कि अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है. चोटों के जोखिम से बचना किसी भी शारीरिक
गतिविधि का एक अहम पहलू है. सहज ढंग से चलना तत्काल तनाव घटाता है और राहत देता है.

इसे आदत बनाएं

पैदल चलने को अपनी रोजमर्रा की टू-डू लिस्ट का हिस्सा बनाएं. आपके लिए जो समय सबसे सुविधाजनक हो, उस समय का रिमाइंडर या अलार्म सेट करें और चलना शुरू कर दें. किसी आदत के बनने में तीन से चार सप्ताह का वक्त लग जाता है, इसलिए याद रखें, सहज ढंग से शुरू करें और धैर्य बनाए रखें. प्ले स्टोर और एप स्टोर पर कई एप हैं, जो आसानी से यह आदत डालने में मदद कर सकते हैं.

लोगों को अपने साथ जोड़ें

दोस्तों या परिजनों के साथ टहलने जाना सकारात्मक और सार्थक सामाजिक संबंधों के लिए बढ़िया माहौल बनाता है. शारीरिक गतिविधि के साथ सामाजिकता का मेल खुशी और संतुष्टि देने वाला अनुभव हो सकता है.
यदि आप किसी व्यक्ति या समूह को साथ जोड़ सकें, तो पैदल चलने के लाभों को कई गुना और व्यापक करके एक अधिक चुस्त-दुरुस्त समुदाय का निर्माण हो सकता है.

बढ़िया जगह तलाशें और जागरूक रहें

प्रकृति के बीच घूमना शांति और आनंद देता है और बहुतों के लिए दवा का काम कर सकता है. ताजा हवा का अहसास, चिड़ियों की चहचहाहट और हरियाली को निहारना इसे एक बेहतरीन अनुभव बनाते हैं. अध्ययनों से
पता चलता है कि रोजाना टहलना आपके मन-मस्तिष्क के लिए अद्‌भुत रूप से फायदेमंद है – खासकर यदि आप किसी अच्छे, हरे-भरे स्थान पर टहलते हैं. आप पैदल चलने को खोज अभियान में बदलकर अलग-अलग
स्थानों से रूबरू हो सकते हैं, जिससे यह कवायद महज एक शारीरिक फिटनेस रुटीन से बढ़कर हो जाएगी.

उत्साह बनाए रखें

सौभाग्य से हम एक ऐसे जमाने में हैं, जहां हमारी हर जरूरत में सहयोग के लिए तकनीक मौजूद है. अपने मोबाइल फोन पर एक एप या फिटनेस ट्रैकिंग गैजेट के जरिए अपने कदमों की गिनती पर नजर रखने से प्रेरणा मिलती है, जो संकल्प पर अडिग रहने और रोजाना पैदल चलकर स्वास्थ्य संबंधी लाभ पाने में मददगार होती है. चाहे बड़ी हो या छोटी, हर उपलब्धि पुरस्कार की हकदार होती है, और अपनी प्रगति पर नजर रखना ऐसा करने का शानदार तरीका है।

पैदल चलने के बारे में सबसे अच्छी बात है कि इसके लिए किसी भी विशेष प्रशिक्षण की जरूरत नहीं होती है. बस आराम से रहें, थोड़ा स्ट्रेच और वार्म-अप करें और फिर निकल पड़ें. इसमें उम्र या फिटनेस स्तर आमतौर पर आड़े नहीं आता। पैदल चलना सही मायनों में खुद को रीसेट और रिचार्ज करने का बेहतरीन तरीका है. बहरहाल, भले ही मौजूदा या आगे आने वाले हालात से हमारा जीवन थोड़ा अस्त-व्यस्त रहे, परंतु पैदल चलना मत भूलिए, क्योंकि व्यायाम का यह साधारण लेकिन दमदार ढंग अपनी परवाह करने और समग्र तंदुरुस्ती व सुकून में निवेश करने का आदर्श तरीका है.

लेखक : शिवजीत घाटगे

(लेखक स्टेपसेटगो के सीईओ और सह-संस्थापक हैं. स्टेपसेटगो भारत का पहला फिटनेस एप्लिकेशन है, जो उपयोगकर्ताओं को ज्यादा पैदल चलने, तंदुरुस्‍त बने रहने और बदले में रिवॉर्ड पाने के लिए प्रोत्साहित करता है.)

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