असफल हो रहे हैं यानी सफलता की पूरी गारंटी है

दरअसल, भूल करना जीवन का अभिन्न अंग है. यह जीवन में आवश्यक है कि हम अपनी गलतियों से सीख लेकर अपने कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त करें.

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सफलता या असफलता स्थायी नहीं होती. सफलता जो हम आज प्राप्त करते हैं, वह किसी विशेष कार्यक्षेत्र की होती है न कि पूरे जीवन की. यदि व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में असफल हो जाता है तो वही दूसरे किसी अन्य क्षेत्रा में गौरवपूर्ण उपलब्धियां हासिल करके वाहवाही लूट सकता है.

दरअसल, भूल करना जीवन का अभिन्न अंग है. यह जीवन में आवश्यक है कि हम अपनी गलतियों से सीख लेकर अपने कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त करें. छोटा सा बालक बार बार गिरता, उठता है और एक दिन चलना, दौड़ना सीख जाता है.

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परिवर्तन जगत का अटल नियम है. इसके आधार पर दिन रात, सर्दी गर्मी, दुखः सुख और धूप छांव की तरह ही सफलता और असफलता भी आनी जानी है. आदमी कोई काम करते समय उसका एक ही पहलू देखता है-वह है सफलता प्राप्त करना.

असफलता की कल्पना ही नहीं करता या उसे सहन ही नहीं कर पाता. निराशा, कुंठा, हताशा और विक्षिप्तता ऐसे ही मनुष्यों की दुखद नियति बन जाती है. जो बिना असफल हुए पूर्ण सफल होने का आग्रह करते हैं वे कभी कभी अपनी क्षमताओं को पूरे ढंग से अभिव्यक्त नहीं कर पाते क्योंकि वे धरती पर किसी यथार्थ वस्तु की अपेक्षा चन्द्रमा पर किसी कल्पित लक्ष्य पर तीर मारते हैं.

यह याद रखने वाली बात है कि लगातार प्रयास करते रहना ही व्यक्ति को अभीष्ट सिद्धि का मार्ग दिखाता है. लोग भूल जाते हैं कि जीवन की उन्नति किसी एक प्रयत्न की सफलता पर आधारित नहीं होती. वह तो लगातार मेहनत और प्रयत्न पर टिकी होती है.

प्रयास से ही मिलती है सफलता-

कोई सफल होता है या असफल, यह पूरी तरह से उस व्यक्ति की मनोवृत्ति और धारणाओं पर निर्भर करता है. जो केवल सफलता की ही कामना करते हैं वे अक्सर अपने आप को एक असफल आदमी मान बैठते हैं.

दुख, निराशा और हीनता ऐसे व्यक्तियों की नियति बन जाती है और उनका जीवन किन्हीं गुमनाम अंधेरों में खोता चला जाता है. जिस तरह आग में तपकर सोना निखर उठता है उसी तरह मनुष्य असफलता के कारणों से प्रेरणा लेकर, परिश्रम और प्रयास के द्वारा पहले से भी अधिक परिष्कृत होकर सामने आयेगा.

विश्वविख्यात गणितज्ञ आइन्सटीन अपने विद्यार्थी जीवन में सबसे अधिक कमजोर गणित में थे. इसी विषय में उन्हें प्रायः असफल होना पड़ता था लेकिन हर असफलता उनकी सफलता का साधन बनी और वे गणित के क्षेत्र में कुछ अद्भुत और अद्वितीय करने में सफल रहे. मनुष्य को कभी भी अपनी असफलता पर निराश नहीं होना चाहिए क्योंकि असफलता सफलता की आखिरी कुंजी होती है.