Collateral loan : कोलैटरल लोन क्या होता है?

आजकल बैंक और NBFC हर छोटे-बड़े काम के लिए लोन (Loan) देती हैं. दुनिया में अधिकतर लोग लोन लेते हैं और अपनी जरूरत पूरी करते हैं. लोन के कई प्रकार (Types of loan) के बारे में आपने सुना ही होगा लेकिन क्या आपने कभी कोलैटरल लोन (collateral loan) के बारे में सुना है. कोलैटरल लोन (What is collateral loan) एक प्रकार का ऐसा लोन है जो आपको जल्दी से मिल जाता है. इसके कई फायदे हैं जिन्हें हर उस इंसान को जानना चाहिए जिन्हें लोन की जरूरत होती है.

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आजकल बैंक और NBFC हर छोटे-बड़े काम के लिए लोन (Loan) देती हैं. दुनिया में अधिकतर लोग लोन लेते हैं और अपनी जरूरत पूरी करते हैं. लोन के कई प्रकार (Types of loan) के बारे में आपने सुना ही होगा लेकिन क्या आपने कभी कोलैटरल लोन (collateral loan) के बारे में सुना है. कोलैटरल लोन (What is collateral loan) एक प्रकार का ऐसा लोन है जो आपको जल्दी से मिल जाता है. इसके कई फायदे हैं जिन्हें हर उस इंसान को जानना चाहिए जिन्हें लोन की जरूरत होती है.

क्या होता है कोलैटरल लोन ? (What assets can be used as collateral to secure a loan?)

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लोन दो तरह के होते हैं. पहला होता है अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured loan) ये वो लोन होते हैं जिन्हें बिना किसी सिक्योरिटी के आपकी इनकम को देखकर दिया जाता है. जैसे पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड आदि. दूसरा होता है सिक्योर्ड लोन (Secured loan) जिसमे आपको लोन लेने के लिए सिक्योरिटी की जरूरत होती है. जैसे होम लोन, कार लोन, गोल्ड लोन आदि.

ये जो दूसरी तरह का लोन है इसे ही कोलैटरल लोन (Collateral loan) कहते हैं. इस तरह के लोन में पैसे उधार देने के लिए आपसे सिक्योरिटी के तौर पर उस लोन राशि से ज्यादा की कीमत की चीज को रखा जाता है. सिक्योरिटी के तौर पर रखी गई चीज को कोलैटरल कहते हैं. इसे हिन्दी में ग्रहणाधिकर भी कहा जाता है.

ग्रहणाधिकार क्या होता है? (What is considered collateral for a loan?)

जब भी कोई व्यक्ति कर्ज लेता है तो वो उसे चुकाने के लिए प्रतिबद्ध होता है. जब भी बैंक आपको लोन देता है तो उसकी नजर इस बात पर जरूर रहती है की आप जितना लोन ले रहें हैं उतना लोन चुकाने मे आप सक्षम हैं या नहीं. कई बार लोग इसे चुकाते नहीं है इसी बात के चलते बैंक अब लोन देने से पहले सिक्योरिटी के तौर पर प्रॉपर्टी, वाहन, गोल्ड रखते हैं ताकि अगर लोन आपने नहीं चुकाया तो बैंक इन्हें बेचकर आपके लिए पैसे वसूल सके.

कोलैटरल लोन उस कंडीशन मे भी आता है जब आप किसी सामान को बैंक के द्वारा फाइनेंस करवाते हैं. इस कंडीशन मे बैंक को यह अधिकार होता है की आपके पैसा नहीं चुकाने की स्थिति में बैंक आपके द्वारा बैंक के पैसे से लिया गया सामान जब्त करके बेच सके.

कोलैटरल लोन के फायदे (Are collateral loans a good idea?)

कोलैटरल लोन आजकल बड़ा फायदेमंद साबित हो रहा है. इसका फायदा बाजार मे ग्राहक से लेकर दुकानदार तक सब उठा रहे हैं. आज कोई भी इंसान जो ग्राहक बनकर दुकान पर जाता है. वो कम पैसे देकर कोई भी महंगा सामान खरीद सकता है और बाकी बचे पैसों को EMI के जरिये चुका सकता है. आज महंगी महंगी चीजें भी गरीब इंसान आसानी से खरीद सकता है.

कोलैटरल लोन के कारण बैंक और कंपनियों दोनों का ही बिजनेस अच्छा चल रहा है. बैंक इसके माध्यम से खूब सारे लोन सिक्योरिटी पर बांट रहे हैं और कंपनियाँ अपने प्रॉडक्ट की बिक्री लगातार बड़ाती चली जा रही है. बजट के हिसाब से देखा जाए तो कोलैटरल लोन काफी अच्छा है.

कोलैटरल लोन आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. किसी भी महंगे सामान को EMI पर खरीदने के बाद कई बार ऐसा होता है की हम किसी आर्थिक मुसीबत में फस जाते हैं ऐसे में हम उसकी EMI समय पर नहीं भर पाते और वो सामान बैंक जब्त कर लेती है. इससे वो समान आपका नहीं हो पाता. इसके अलावा हमे कोलैटरल लोन पर अच्छा खासा ब्याज भी देना होता है. जिसके कारण हमे सामान को ज्यादा दाम में खरीदना पढ़ता है.

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