Coronavirus in India: कोराना वायरस के लक्षण समझें, घबराएं नहीं और डॉक्टर से संपर्क करें

कोरोना को लेकर पैनिक होने से बेहतर है अलर्ट और बचाव. स्वाइन फ्लू, जीका, इबोला की तुलना में मौत का प्रतिशत कम है, लेकिन फिर भी चिंताजनक है. वृद्ध लोगों के लिए ज्यादा खतरा है क्योंकि इम्यूनिटी कम है.

चीन के हुबई प्रांत के वुहान (Wuhan hubei in china)  शहर से नवंबर-दिसंबर 2019 से फैलना शुरू हुआ कोरोना वायरस (Coronavirus disease (COVID-19) दुनिया के आधे से ज्यादा देशों में फैल चुका है. विश्व के तकरीबन 138 देशों के 1 लाख 55 हजार से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं जबकि तकरीबन 6 हजार से ज्यादा लोग इस बीमारी के चलते जान से हाथ धो चुके हैं.

भारत में अब तक COVID-19 वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में (Coronavirus in India) लगातार बढ़ोतरी हो रही है. देश में अब तक इससे संक्रमित लोगों की संख्या 110 से ज्यादा हो रही है जबकि दो बुजुर्ग इसका शिकार हो चुके हैं. WHO वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (world health organisation) की ओर से महामारी घोषित हो चुके COVID-19 से चीन के बाद सबसे ज्यादा तबाही इटली में मचाई है.

सम्बंधित लेख - पढ़िए

15 मार्च को इटली में (coronavirus in italy) एक ही दिन में तकरीबन 300 से ज्यादा लोगों की जान ले चुकी इस बीमारी ने पूरे यूरोप को आतंकित कर दिया है. अमेरिका ने इमरजेंसी घोषित कर दी है तो वहीं दुनिया के कई देश अपने शहरों को लॉक डाउन कर रहे हैं. अर्थव्यवस्थाएं तबाह हो रही हैं. शेयर बाजार में आतंक है. भारत में कोराना फिलहाल नियंत्रित अवस्था में है लेकिन संक्रमित लोगों के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं.

COVID-19 से घबराने की जरूरत नहीं 
कोरोना को लेकर पैनिक होने से बेहतर है अलर्ट और बचाव. स्वाइन फ्लू, जीका, इबोला की तुलना में मौत का प्रतिशत कम है, लेकिन फिर भी चिंताजनक है. वृद्ध लोगों के लिए ज्यादा खतरा है क्योंकि इम्यूनिटी कम है. उन लोगों के लिए भी चिंता ज्यादा है जो डायबिटीक हैं, हार्ट पेशेट हैं और जिन्हें रेस्पेरेट्री की पहले से ही ज्यादा समस्या है. ऐसा अब तक मौत के ज्यादातर आए मामलों में देखा गया है. सो यही डॉक्टर भी कह रहे हैं.

अच्छी बात यह भी है कि उम्रदराज के बजाए युवाओं के शरीर पर सामान्य दवाएं काम कर रही हैं और कई लोग इलाज के बाद छुट्टी लेकर घर भी गए हैं. सो पैनिक ना हों. हां अन्य महामारियों के विषाणुओं की तुलना में कोरोना का वायरस बेहद तेजी से फैलता है. और यही इसे खतरनाक बनाता है. आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं.

कोरोना के लक्षण और उपाय (symptoms of coronavirus)
कोरोना के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं. सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ. यदि ऐसे कोई भी लक्षण आपको अपने शरीर में दिखाई दे तो सबसे पहले खुदको आइसोलेट कर दें. लेकिन एक बात का ध्यान रखें कि जब तक आप किसी विदेश यात्रा से लौटे ना हो या आपकी कोई ट्रैवलिंग हिस्ट्री ना हो फिर भी आपको सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ हो डरने की जरूरत नहीं है.

यह सामान्य बुखार हो सकता है. सांस लेने की तकलीफ प्रदूषण के चलते रेस्पेरेट्री फंक्शन में दिक्कत के चलते हो सकती है इसके लिए आप सामान्य भाप लें. पैनिक ना हो जब तक की आप कोराना वायरस के संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में ना आए हों या चीन, इटली से यात्रा ना करके आए हों आपको कोरोना होने की संभावना नहीं है.

चीन ने इसे बेहतर तरीके से निपटा, भारत भी कम नहीं
शुरुआती दौर में चाइना में जहां 21 जनवरी तक सरकारी दस्तावेजों में दर्ज संक्रमित लोगों की संख्या 100 थी वहीं वास्तविक संख्या 1500 थी. नए जब मरीजों की संख्या जब 400 हुई तो वास्तव में उनकी संख्या 2500 से ज्यादा थी. तो कुल मिलाकर संक्रमण बेहद तेज है. और इसका तरीका है शहरों को बंद करते चले जाना जो चाइना ने बखूबी किया.

दरअसल, चीन वाकई इस महामारी से लड़ने में शुरुआती समय में फेल दिखा है लेकिन जिस तरह से इसे रोकने की रणनीति अपनाई वह कारगर साबित होती दिख रही है.

दरअसल, चीन लगातार शहरों को लॉक डाउन करता रहा. आलम यह था कि जैसे-जैसे मामले बढ़ते रहे वह शहरों को बंद करता रहा. हुबई के 15 शहरों को तो उसने एक ही दिन में बंद कर दिया. फिर जिन मशीनों, उपकरणों के जरिए शहरों को, गलियों को बड़े स्तर पर सैनिटाइज किया गया वह देखने लायक है. फिर अस्पताल को बनाने की बात ही क्या.

फिलहाल इस वायरस का केंद्र एशिया से निकलकर यूरोप बन रहा है. इटली उदाहरण है और शहर के सन्नाटे सांय-सांय कर रहे हैं. जब तक वैक्सीन उपलब्ध ना हो जाए घर से बाहर ना निकलना, सोशल गैदरिंग ना करना, ट्रैवल ना करना ही उपाय है. कुल मिलाकर ना मिलें और ना संपर्क में ज्यादा रहें.

जहां तक बात भारत की है, मामले जो दिखाई देते हैं उससे ज्यादा हो सकते हैं. ऊपर से बड़ी दिग्गज कंपनी में काम करने वाले पढ़े-लिखे जो आइसोलेशन वॉर्ड से निकलकर दिल्ली-आगरा जा रहे हैं फिर बहाना बनाकर इलाज के लिए सहयोग भी नहीं कर रहे वे ज्यादा खतरनाक हैं.

रोग को छिपाए नहीं बल्कि सरकार को बताएं
सरकार की भी यह गलती रही कि चीन से आने वालों पर तो रोक लगाई लेकिन इटली दुबई जैसे शहरों से लौटे यात्रियों को हल्के में ले लिया. ये वो यात्री ही हैं जो नोएडा, दिल्ली, मुंबई और जगह-जगह वायरस के वाहक बनें घूम रहे हैं. हां, लेकिन मामले उतने भी नहीं हैं कि बहुत ज्यादा अफरा-तफरी का माहौल बनाया जाए. सरकार की तारीफ करनी होगी कि वह अपने स्तर पर एक कदम आगे चल रही है.

ध्यान रखें वायरस चलता नहीं है, पहुंचता है और उसके माध्यम हैं आप. सो आप लक्षण होने पर सतर्क रहें. सीधा सा हिसाब है डॉक्टर और हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें. लक्षण दिखाई देने में 17 से 27 दिन का समय लगता है सो लक्षण और समय को समझें. घबराएं नहीं. मिलना-जुलना कम करें, लोगों के संपर्क में कम आएं और हाइजीन मैंटेन करें. अधिकतर मामलों में रोगी ठीक हो रहे हैं. अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें. भागने और घबराने की जरूरत नहीं हैं., आपसे ज्यादा सरकार को आपकी चिंता है बस आप उसकी चिंता में शामिल हों व सहयोग करें.

नोट: यह लेख आपकी जानकारी और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. आपको किसी भी स्तर संबंधित बीमारी से जुड़े लक्षण महसूस होते हैं तो सीधे डॉक्टर से संपर्क करें.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!