Child Depression: बच्चों में डिप्रेशन के लक्षण, कारण और उपाय

डिप्रेशन आज के समय में एक आम समस्या हो गई है और हर उम्र के लोग इसकी चपेट में भी आ रहे हैं. नौकरी पेशा ही नहीं बल्कि स्टूडेंट्स भी डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं. ऐसे में यह स्टूडेंट्स में डिप्रेशन की वजह को जानना बेहद ज़रूरी है. साथ ही इससे बचने के उपाय भी जान लेना चाहिए.

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डिप्रेशन आज के समय में एक आम समस्या हो गई है और हर उम्र के लोग इसकी चपेट में भी आ रहे हैं. नौकरी पेशा ही नहीं बल्कि स्टूडेंट्स भी डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं. ऐसे में यह स्टूडेंट्स में डिप्रेशन की वजह को जानना बेहद ज़रूरी है. साथ ही इससे बचने के उपाय भी जान लेना चाहिए.

पढ़ाई से डिप्रेशन के लक्षण (depression in children symptoms and common types)

कॉम्पिटिशन, पढ़ाई, एग्जाम और अभिभावकों की महत्वाकांक्षाओं का बोझ कई बार स्टूडेंट्स को डिप्रेशन की ओर धकेल देता है. पेरेंट्स को चाहिए की वह अपने बच्चों पर दबाव न आने दें और पढ़ाई के साथ ही एग्जाम के समय उनको सही गाइडेंस देकर सहयोग करें.

कई बार स्टूडेंट्स अपने तय लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाने के चलते भी डिप्रेशन में चले जाते हैं. अपेक्षा के अनुकूल सफलता ना मिलना भी तनाव का कारण बन सकता है. इस प्रकार की समस्या आने पर स्टूडेंट्स अपने पेरेंट्स और टीचर्स की हेल्प ले सकते हैं.

कॉलेज में रैगिंग भी है अवसाद का कारण (what is the reason of depression in children and adolescents)

सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों में रैगिंग को अपराध बताते हुए सख्ती के साथ बंद करवा दिया है. इसके बाद भी चोरी-छिपे कई स्कूल्स व कॉलेजों में सीनियर स्टूडेंट्स अपने जूनियर्स की रैगिंग करते हैं. इस तरह की घटनाओं में कई बार पीड़ित छात्र आत्महत्या तक कर लेते हैं.

रैगिंग में कई बार इस तरह की हरकतें कर दी जाती हैं कि पीड़ित छात्र पर इसका नकारात्मक प्रभाव जीवन भर रहता है और उसका करियर बरबाद हो जाता है. इस तरह का व्यवहार होने पर स्टूडेंट्स अपने अभिभावकों के साथ ही संस्थान प्रशासन को भी सूचना दें और किसी प्रकार का दबाव न सहन करें.

कच्ची उम्र का प्यार तो नहीं डिप्रेशन की वजह  (teenage depression and break up problem)

बचपन से जवानी में कदम रखने के बीच की उम्र को हम किशोर अवस्था कहते हैं. कई बार बच्चे विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण को प्यार समझ लेते हैं. समझ की कमी और अभिभावकों के दबाव की स्थिति में अक्सर छात्र डिप्रेशन में चले जाते हैं. 

आमतौर पर इस स्तिथि की जानकारी होने पर अभिभावकों को गुस्से नहीं बल्कि समझदारी से काम लेना चाहिए.  पेरेंट्स को चाहिए की वह इस प्रकार के मामलों को विवाद खड़ाकर तूल न दें. बल्कि बच्चों से दोस्तों की तरह पेश आएं और प्यार से उनको समझाने का प्रयास करें. 

मानसिक ही नहीं शारीरिक रूप से भी हैं समस्याएं  (know about mental depression in hindi)

स्टूडेंट्स में डिप्रेशन के कई कारण हो सकते हैं. दरअसल डिप्रेशन में व्यक्ति मानसिक के साथ ही शारीरिक रूप से भी प्रभावित होता है. कई बार मानसिक तनाव के कारण स्टूडेंट्स एकाकी हो जाते हैं. साथ ही उनका आत्मविश्वास भी इतना कमजोर हो जाता है कि वो छोटे से छोटे काम को भी नहीं कर पाते हैं. 

डॉक्टर से समझना होगा अवसाद के कारण, लक्षण और उपायों को 

आप किसी डॉक्टर के पास जाएंगे तो वह दवा देने के साथ यह भी कहेगा की डिप्रेशन का इलाज आपके ही हाथ में है. क्यों कि डिप्रेशन को दूर करने का सबसे आसान उपाय है आप अपने अंदर बदलाव लाने का प्रयास करना. पहला बदलाव यह  की किसी भी बड़ी से बड़ी समस्या को अपने पर हावी न होने दें. 

(नोट: यह लेख आपकी जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि आपको लेख में बताए गए किसी भी तरह के लक्षण अपने बच्चों में दिखाई देते हैं या आपको ऐसा लगता है कि आपका बच्चा डिप्रेशन का शिकार है तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.)

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