शरीर में समझें लकवे के लक्षण, प्राकृतिक तरीके से संभव है पैरालिसिस का इलाज

घातक बीमारियों में से एक है पक्षाघात, फालिज या लकवा. लकवा दिमाग का एक रोग है, जो दिमाग में ब्लड सर्कक्युलेशन ठीक तरीके से न होने या रीढ़ की हड्डी में किसी बीमारी या खराबी हो जाने के कारण होता है.

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दौड़-भाग भरी लाइफ स्टाइल के कारण मनुष्य अनचाहे ही न जाने कितनी बीमारियों को आमंत्रण दे देता है. इन्ही घातक बीमारियों में से एक है पक्षाघात, फालिज या लकवा. लकवा दिमाग का एक रोग है, जो दिमाग में ब्लड सर्कक्युलेशन ठीक तरीके से न होने या रीढ़ की हड्डी में किसी बीमारी या खराबी हो जाने के कारण होता है.

क्या है Paralysis

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हमारा brain हमारे पूरे शरीर को नर्वस-सिस्टम से Control करता है. किसी बीमारी, चोट या सदमे के कारण जब दिमाग Body parts को control नहीं कर पाता है इस स्थिति को लकवा कहते हैं.

लकवा होने का कारण

दिमाग के किसी हिस्से में ब्लड सर्कक्युलेशन बंद होने से वह हिस्सा बेकार हो जाता है. ऐसे में दिमाग का वह भाग शरीर के कुछ हिस्सों को आदेश नहीं पहुंचा पाता है. ब्लड सर्कक्युलेशन धमनी के भीतर ब्लड जम जाने व धमनी के फटने से बंद हो जाता है. इसके अलावा मिरगी, हिस्टीरिया और अधिक टेंशन लेने से भी Paralysis का खतरा होता है.

कैसे भांपे Paralysis का खतरा

जिस अंग पर लकवा होने का खतरा होता है, उस अंग की मांसपेशी निष्क्रिय होने लगती हैं. मन में उत्साह की कमी, रक्तचाप बढ़ना, जिद करना; भूख, नींद कम होने के साथ ही किसी काम को करने में परेशानी होना और लगातार कब्ज रहना.

Paralysis से बचाव  

जिन कारणों से Paralysis का खतरा रहता है उनको दूर करने का प्रयास करें. लकवा की आशंका होने पर हार्ड वर्क वाले काम बंद कर शारीरिक व मानसिक रूप से आराम करें मॉर्निंग व इवनिंग वॉक शुरू कर दें. कसरत, मालिश, मनोरंजन, प्राणायाम, ध्यान करें.

लकवे में क्या खाना खाएं 

लकवा के मरीज की diet में सेब, अंगूर और नाशपाती, दूध, दही, मक्खन, छाछ, लहसुन, परवल, पेठा, बैंगन, केले का फूल, करेला, जमीकंद, अदरक, पका आम, पका पपीता, कच्चा नारियल, सूखा मेवा, मेथी, बथुवा, प्याज, तुरई, लौकी, टिंडा, शलजम, अंजीर, गरम पानी, पुराना चावल, खजूर, मूंग की दाल शामिल करें. वहीं नमक, Spicy food, नया चावल, गुड़, भैंस का दूध, उड़द, भिंडी, घुइयां, तरबूज तथा बर्फ को diet chart से बाहर रखें.

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकतासतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.)