Giloy Benefits: गिलोय के क्या फायदे हैं, गिलोय का सेवन कैसे करें?

शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए वैसे तो कई औषधियाँ हैं लेकिन उनमें प्रमुख औषधि गिलोय (Giloy) है जो आपके इमम्यून सिस्टम को बहुत मजबूत बनाती है. गिलोय के काफी सारे फायदे हैं.

आयुर्वेद की शक्ति पूरी दुनिया मानती है. यही वजह है की अब एलोपेथी की जगह आयुर्वेद से इलाज करने पर ज़ोर दिया जा रहा है. आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियों का जिक्र हैं जिनसे आप रोगों को जड़ से खत्म कर सकते हैं और शरीर की ताकत (Immunity boost) बढ़ा सकते हैं. शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए वैसे तो कई औषधियाँ हैं लेकिन उनमें प्रमुख औषधि गिलोय (Giloy) है जो आपके इमम्यून सिस्टम को बहुत मजबूत बनाती है. गिलोय के काफी सारे फायदे हैं.

गिलोय क्या है? (What is Giloy?)

गिलोय (Giloy in hindi)n एक तरह की बेल होती है जिसका तना देखने में रस्सी की तरह लगता है. गिलोय को अमृतावल्ली भी कहा जाता है क्योंकि इसकी बेल कभी न सूखने वाली होती है. इसके पत्ते कोमल तथा पान के आकार के होते हैं और फल मटर के दाने जैसे होते हैं. ऐसे माना जाता है कि इसकी बेल जिस वृक्ष पर चढ़ती है वो उसके गुण ले लेती है. सबसे अच्छी गिलोय नीम के वृक्ष की होती है.

गिलोय के फायदे (Giloy benefits)

गिलोय (Giloy benefits in hindi) एक बहुत ही गुणकारी औषधि है जिसका प्रयोग कई बीमारियों के लिए किया जाता है अर्थात ये कई बीमारियों में लाभकारी होती है.

आँखों के लिए (Giloy use for eyes)

गिलोय आँखों के लिए बेहद लाभकारी होती है. इससे आँखों पर अंधेरा छाना, चुभन और काला तथा सफ़ेद मोतियाबिंद ठीक हो सकता है. इसके लिए गिलोय के 10 एमएल रस को 1-1 ग्राम शहद व सेंधा नमक के साथ मिलकर अच्छी तरह पीस लें. इसके बाद इसे आँखों में काजल की तरह लगाएं. ये आपकी आँखों को काफी फायदा करेगा.

कान के लिए (Giloy use for ears)

कान में मेल आना एक आम समस्या है लेकिन ये तब मुसीबत बन जाती है जब आप सही से कान का मेल नहीं निकाल पाते. ऐसे में गिलोय आपकी बेहद मदद कर सकता है. आप गिलोय के तने को पानी में घिसकर गुनगुना करके 2-2 बूंद दिन में दो बार डालें. इससे आपके कान का मैल और अन्य गंदगी बाहर निकल जाती है.

कब्ज का इलाज (Giloy use for constipation)

कई लोग कब्ज से बेहद परेशान होते हैं उनके लिए गिलोय काफी फायदेमंद है. गिलोए के 10-20 एमएल रस को आप गुड़ के साथ सेवन करें. या फिर सोंठ, मोठा, अतीस तथा गिलोय को बराबर भाग में मिलाकर जल में खौलकर काड़ा बनाए. इस काड़े को 20-30 एमएल रोज सुबह शाम पीए. इससे आपको कब्ज और अपच जैसी समस्या से छुटकारा मिलेगा.

गाठिया (Giloy use for arthritis)

गाठिया जिसे आर्थराइटिस भी कहा जाता है. इसमें भी गिलोय काफी फायदेमंद होता है. अगर आपको गाठिया है तो आप गिलोय और अदरक का सेवन कर सकते हैं. अगर आपके जोड़ो में दर्द की शिकायत है तो आप गिलोय के तने या पाउडर को दूध के साथ उबालकर पी सकते हैं.

डायबिटीज़ (Giloy use for diabetes)

गिलोय डायबिटीज़ को कम करने और उसे नियंत्रित करने में सहायक होता है. गिलोय का इस्तेमाल वे न करें जिन्हें कम डायबिटीज़ हो. अक्सर डॉक्टर गिलोय के जूस का सेवन करने की सलाह डायबिटीज़ मरीजों को देते हैं. आप मार्केट से बना-बनाया गिलोय जूस खरीद सकते हैं.

इम्यूनिटी बूस्टर (Immunity booster food)

अगर शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो तो आप बार-बार बीमार होते रहते हैं. ऐसी समस्याओं की ओर आपको तुरंत ध्यान देना चाहिए. इम्यूनिटी बढ़ाने में गिलोय काफी सहायक है. आप चाहे तो गिलोय का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं या फिर गिलोय का जूस पी सकते हैं. दिन में एक बार गिलोय का जूस पीना आपके इम्यून सिस्टम के लिए काफी अच्छा हो सकता है.

बवासीर (Bawaseer medicine)

जिन लोगों को बवासीर होता है उनकी तकलीफ वही समझ सकते हैं और इस तकलीफ से छुटकारा पाने के लिए वे कुछ भी करने को तैयार रहते हैं. बवासीर से छुटकारा पाने में गिलोय उनकी काफी मदद कर सकता है. इसके लिए आप हरड़, गिलोय और धनिया को बराबर मात्रा (20 ग्राम) लेकर आधा लीटर पानी में पका लें. जब ये पानी एक चौथाई रह जाए तो इस काड़े में गुड़ डालकर सुबह और शाम इसका सेवन तब तक करें जब तक की बवासीर ठीक न हो जाए.

गिलोय का सेवन कैसे करें? (How to use giloy?)

गिलोय का सेवन करने का तरीका आपके रोग पर निर्भर करता है. जिस तरह का रोग होगा उसी तरीके से आप उसका सेवन कर सकते हैं. सेवन करने का तरीका आपको फ़ायदों के साथ बताया गया है. इसके अलावा यदि आपको कोई गंभीर बीमारी है तो आप गिलोय का उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही करें.

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