12वी के बाद वकील कैसे बने, CLAT के लिए योग्यता क्या है?

हर व्यक्ति चाहता है की वो जीवन वो ऐसा प्रोफेशन चुने जिसमें उसकी बहुत इज्जत हो, लोग उसका मान-सम्मान करे और उसे पैसा भी खूब मिले. तो आप ये सभी सपने वकील बनकर पूरे कर सकते हैं.

हर व्यक्ति चाहता है की वो जीवन वो ऐसा प्रोफेशन चुने जिसमें उसकी बहुत इज्जत हो, लोग उसका मान-सम्मान करे और उसे पैसा भी खूब मिले. अगर आपको न्याय-व्यवस्था में दिलचस्पी है, आसपास घटने वाली घटनाओं को आप न्याय के पक्ष से देखते हैं तो आप ये सभी सपने वकील बनकर पूरे कर सकते हैं. एक वकील पुलिस और जज के बीच में आरोपी और पीड़ित का पक्ष रखने वाला व्यक्ति होता है. वकील (Lawyer) बनकर आप लोगों की सेवा करने के साथ-साथ पैसा कमा सकते हैं. इसके साथ ही लोग आपकी इज्जत भी करते हैं.

वकील कैसे बने? (How to become lawyer?)

वकील बनने के लिए कोर्स (Course for law study) करना होता है लेकिन इसके साथ ही आपका इंटरेस्ट भी जरूरी है. लोगों को लगता हैं की वकील बनना आसान है लेकिन इसमें भी आपको पढ़ाई करना होती है. अगर आपका इन्टरेस्ट भारतीय न्यायव्यवस्था में नहीं है तो एक अच्छे वकील नहीं बन पाएंगे. आपकी दिलचस्पी भारतीय दंडसहिंता की धारा में होनी चाहिए, भारत में मौजूद क़ानूनों पर होना चाहिए. किस तरह के कानून को किस तरह उपयोग किया जा सकता है इन सभी बातों में आपकी दिलचस्पी है तो आपको जरूर वकील बनना चाहिए.

वकील बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता (Education qualification for lawyer?)

वकील बनने के लिए या वकील का कोर्स करने के लिए आपको किस क्लास से पास होना जरूरी है ये कई लोगों को पता नहीं होता है. अगर आप वकील बनना चाहते हैं तो आपको कम से कम 12वी पास करना होती है और इसके बाद एक 5 साल का इंटीग्रेटेड कोर्स करना होता है. इसके अलावा यदि आपने किसी विषय से ग्रेज्युशेन कर लिया है और बाद में आप वकील बनने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको एक 3 साल का कोर्स करना होता है.

12वी के बाद वकील कैसे बनें? (How to become lawyer after 12th?)

कई स्टूडेंट 12वी के बाद सीधे वकील बनना चाहते हैं तो उनके लिए कॉलेज द्वारा 5 साल का इंटीग्रेटेड कोर्स करवाया जाता है. इसमें दो अलग-अलग कोर्स का कॉम्बिनेशन होता है. इस कोर्स के जरिये आप 6 साल के कोर्स को 5 साल में कर पाते हैं. एक तरह से ये फायदेमंद ही होता है. इसमें आपको अलग-अलग कॉम्बिनेशन मिल जाते हैं.

बीए एलएलबी (BA LLB)

ये उन लोगों के लिए होता है जो लॉं की डिग्री के साथ ह्यूमनीटीज के विषयों को पढ़ना चाहते हैं. इस कोर्स में आप पॉलिटिकल साइन्स और सोशियोलॉजी जैसे सबजेक्ट के साथ लॉं के सबजेक्ट पढ़ सकते हैं और वकील बन सकते हैं.

बीएससी एलएलबी (BSc. LLB)

जो लोग साइन्स सबजेक्ट के साथ वकालत करना चाहते हैं उन्हें इस कोर्स को चुनना चाहिए. इसमें इक्नोमिक्स के साथ लॉं के कोर सबजेक्ट पढ़ाए जाते हैं.

बीबीए एलएलबी (BBA LLB)

ये उन लोगों के लिए है जो बिजनेस के सबजेक्ट के साथ-साथ लॉं की पढ़ाई करना चाहते हैं.

बीकॉम एलएलबी (BCom. LLB)

ये उन लोगों के लिए है जो कॉमर्स की पढ़ाई के साथ-साथ एलएलबी की पढ़ाई करना चाहते हैं.

ग्रेज्युएशन के बाद वकील कैसे बनें? (How to become lawyer after graduation?)

ग्रेज्युएशन के बाद वकील बनने के लिए आपको एलएलबी यानि बेचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉं (LLB full form) का कोर्स करना होता है. ये तीन साल का कोर्स होता है जिसे आप किसी विषय में ग्रेज्युएशन करने के बाद ही कर सकते हैं. आपके ग्रेज्युएशन में कितने मार्क्स होने चाहिए ये कॉलेज के नियमों पर तय होता है.

वकील बनने के लिए इण्ट्रेंस एक्जाम (Entrance exam for lawyer)

वकील बनने के लिए अलग-अलग कॉलेज अलग-अलग नाम से परीक्षाएँ लेते हैं लेकिन यदि आप देश के सरकारी लॉं कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते हैं तो आपको CLAT यानि कॉमन लॉं एडमिशन टेस्ट देना होता है. इसके तहत आप सरकारी कॉलेज में एडमिशन ले सकते हैं.

CLAT के लिए योग्यता और एक्जाम पैटर्न (CLAT eligibility and exam pattern)

CLAT के लिए आपका 12वी पास होना जरूरी है. इसके अलावा आपकी उम्र 20 साल या उससे कम होना चाहिए. इसके जरिये आप 5 साल का इंटीग्रेटेड कोर्स कर सकते हैं. ये एक नेशनल लेवल पर होने वाली एक्जाम है. ये एक्जाम कुल 200 अंकों की होती है जिसमें 5 सेक्शन इंग्लिश, क्वांटिटेटिव एपटिट्यूड, लॉजिकल रीज़निंग, लीगल एटिट्यूड, सामान्य ज्ञान होते हैं. इसमें गलत प्रश्न पर 0.25 मार्क्स काट लिए जाते हैं.

वकील बनने के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं (Entrance exam for lawyer)

वकील बनने के लिए CLAT के अलावा भी कुछ परीक्षाएं होती है जो अलग-अलग कॉलेज के लिए कराई जाती है.

ऑल इंडिया लॉं एण्ट्रेंस टेस्ट (AILET) : नेशनल लॉं यूनिवर्सिटी, दिल्ली
लॉं स्कूल एडमिशन टेस्ट (LST) : जिंदाल ग्लोबल लॉं स्कूल, सोनीपत
सिंबोसिस एण्ट्रेंस टेस्ट (SET) : सिंबोसिस यूनिवर्सिटी

वकील कितने प्रकार के होते हैं? (Types of lawyer)

वकील दो प्रकार के होते हैं 1) सरकारी वकील 2) प्राइवेट वकील

1) सरकारी वकील एक तरह से सरकारी कर्मचारी होते हैं. इन्हें सैलरी सरकार द्वारा दी जाती है. सरकारी वकील बनने का सबसे बड़ा फायदा ये है की आपके पास जॉब सिक्योरिटी होती है. आपके पास केस आए य न आए आपको सैलरी मिलती रहती है. इसके अलावा आपको वो सभी फायदे मिलते हैं जो एक सरकार कर्मचारी को मिलते हैं.

2) प्राइवेट वकील सरकार के लिए काम नहीं करता. ये खुद प्रैक्टिस करते हैं या फिर किसी कंपनी के लिए कानूनी सलाहकार बनते हैं. अगर आपकी स्किल्स अच्छी हैं तो आप प्राइवेट वकील बनकर सरकारी वकील से काफी ज्यादा कमा सकते हैं. इसमे आप अपनी मर्जी से फीस लेते हैं.

एलएलबी करने के बाद क्या करें? (How to make career after LLB?)

जब आपका वकील का कोर्स यानि एलएलबी पूरा हो जाता है उसके बाद आपको प्रैक्टिकल अनुभव चाहिए होता है. इसके लिए आप आपके कोर्स के साथ-साथ किसी अच्छे वकील के साथ प्रैक्टिस या इन्टरन्शिप कर सकते हैं. इसके बाद जब आपका कोर्स खत्म हो जाता है तो आपको आपके किसी भी राज्य बार काउंसिल में रजिस्टर करना होगा. उसके बाद आपको ऑल इंडिया बार एक्जामिनेशन देना होता है उसके बाद ही आप लॉं प्रैक्टिस कर सकते हैं.

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