ऐसे करें प्रतियोगी परीक्षा की प्लानिंग

हर कोई कॉम्पीटेटिव एग्जाम की तैयारी कर सरकारी नौकरी में अपना अच्छा भविष्य तलाश रहा है. सुनहरे फ्यूचर के लिए ज़रूरी है कि हम कड़ी मेहनत के साथ ही लगन के साथ तैयारी करें. यही सफलता का मूल मंत्र भी है. सफलता के लिए कठोर मेहनत के साथ ही साथ बेहतर रणनीति का होना भी बहुत ज़रूरी है. 

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हर कोई कॉम्पीटेटिव एग्जाम ( competitive exam) की तैयारी कर सरकारी नौकरी में अपना अच्छा भविष्य तलाश रहा है. सुनहरे फ्यूचर के लिए ज़रूरी है कि हम कड़ी मेहनत के साथ ही लगन के साथ तैयारी करें. यही सफलता का मूल मंत्र भी है. सफलता के लिए कठोर मेहनत के साथ ही साथ बेहतर रणनीति का होना भी बहुत ज़रूरी है. 

आत्मविश्वास से मिलेगी सफलता 

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जीवन के किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास का होना बहुत ही ज़रूरी होता है. इसलिए कॉम्पीटेटिव एग्जाम की तैयारी करते समय आपके अंदर आत्मविश्वास होना ही चाहिए. जब आपके मन में यह विश्वास होगा कि आप कॉम्पीटेटिव एग्जाम को क्रैक कर लेंगे तो सफलता मिलकर ही रहेगी.

कैसे बढ़ाएं आत्मविश्वास

आत्मविश्वास को बढ़ाने के कई तरीके हैं जैसे आप मोटीवेसन के लिए सफल लोगों की जीवनी पढ़ सकते हैं. परिवार के सदस्यों, मोटिवेशनल बुक्स और किसी सफल व्यक्ति की सहायता से अपने अंदर आत्मविश्वास बढ़ाया जा सकता है.

टाइम टेबल और स्टडी मटेरियल (Time Table & Study Material)

कॉम्पीटेटिव एग्जाम की तैयारी आप चाहे किसी कोचिंग क्लास से कर रहे हों या फिर अपने स्तर पर टाइम-टेबल होना बहुत ज़रूरी है. टाइम-टेबल के मुताबिक स्टडी करने से एग्जाम से जुड़े किसी भी सब्जेक्ट की पढ़ाई अधूरी नहीं रहेगी. जिससे आपको हर विषय के टॉपिक को समझने में आसानी होगी. 

आप जिस भी एग्जाम की तैयारी कर हैं, उससे जुड़ा स्टडी मटेरियल आपके पास होना बहुत ज़रूरी है. क्यों कि यदि एग्जाम से जुड़ी सामग्री आपके पास नहीं है तो आप कॉम्पीटेटिव एग्जाम को पास करने में कभी भी सफलता नहीं पा सकते हैं. ऐसे में आपके पास बुक्स, नोट्स, सीडी के साथ ही ऑनलाइन स्टडी मटेरियल का होना चाहिए.

समझें नोट्स बनाने का तरीका (How to make notes)

किसी भी एग्जाम में सफलता पाने के लिए सभी सब्जेक्ट्स के नोट्स होना बहुत ज़रूरी हैं. नोट्स को तैयार करने का तरीका भी आपको जान लेना चाहिए. एग्जाम की तैयारी करते समय जो भी आपने पढ़ा है उसी के नोट्स तैयार कर लें. इससे आपको पढ़ी हुई जानकारी को भूलने पर रिपीट करने में मदद मिलेगी.

नोट्स तैयार करते वक्त ध्यान रखें कि आपकी राइटिंग साफ़-सुथरी हुई हो. साथ ही आपकी भाषा भी आसान हो, क्यों कि कठिन भाषा होने पर आपको बाद में दोहराते समय समझने में परेशानी आ सकती है. इसके साथ ही एक चार्ट तैयार कर लें और इसी के हिसाब से स्टडी करें. 

ग्रुप स्टडी भी है फायदेमंद (Group study)

यदि आप अपने दोस्तों के साथ ग्रुप स्टडी करते हैं तो इसके भी आपको कई फायदे हो सकते हैं. जैसे ग्रुप में पढ़ते समय पढ़े गए नोट्स को दोहराते वक्त आप अपने साथी को याद की गई विषय-वस्तु को सुना सकते हैं. किसी तरह का कन्फ्यूजन होने पर एक-दूसरे पूछा जा सकता है. 

(नोट: यह लेख आपकी जागरूकता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. अधिक जानकारी के लिए किसी करियर काउंसलर की सलाह ज़रूर लें.)