karate कैसे सीखते हैं, कराटे के नियम?

प्राचीन काल से ही मनुष्य अपनी रक्षा के लिए चिंतित रहा है उस समय मनुष्य के पास न तो किसी तरह के कोई हथियार थे और न ही उन्हें बनाने की कला थी. उस समय मनुष्य अपने बल पर शत्रुओं का सामना करता था. शत्रुओं से लड़ने के लिए ही उस समय जापान में कराटे की शुरुवात हुई जिसके दांवपेंच सीखकर वहाँ के लोग बुरे लोगों से अपनी रक्षा करते थे.

दुनिया में कई सारे खेल हैं जिनमें से कुछ में दिमाग की जरूरत पड़ती है तो कुछ में शारीरिक ताकत की जरूरत होती है. कराटे (Karate) एक ऐसा खेल है जिसमें दिमागी और शारीरिक दोनों तरह की ताकत की जरूरत होती है. कराटे खेलने के लिए आपको शारीरिक फुर्ती के अलावा दिमागी फुर्ती की भी जरूरत होती है. इससे आप एक अच्छे कराटे खिलाड़ी बन सकते हैं.

कराटे की शुरुवात कहां से हुई? (History of Karate Sports?) 

कराटे का इतिहास (Karate history) काफी पुराना है. प्राचीन काल से ही मनुष्य अपनी रक्षा के लिए चिंतित रहा है उस समय मनुष्य के पास न तो किसी तरह के कोई हथियार थे और न ही उन्हें बनाने की कला थी. उस समय मनुष्य अपने बल पर शत्रुओं का सामना करता था. शत्रुओं से लड़ने के लिए ही उस समय जापान में कराटे की शुरुवात हुई जिसके दांवपेंच सीखकर वहाँ के लोग बुरे लोगों से अपनी रक्षा करते थे.

कराटे कोर्ट साइज़ (Karate court size) 

कराटे खेलने के लिए एक कोर्ट की आवश्यकता होती है जिसे हम ग्राउंड या मैदान भी कहते हैं. कराटे खेलने के लिए आपके पास कम से कामन 8 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा मैदान होना चाहिए. इस मैदान के चारों कोनों पर एक-एक जज के बैठने की व्यवस्था होती है.

कराटे कितनी देर खेला जाता है? (Karate match time duration) 

कराते का एक मैच 2 मिनट का होता है. इसे कई बार 5 मिनट तक भी बढ़ा दिया जाता है. खेल के दौरान यदि कोई खिलाड़ी घायल हो जाता है तो उस स्थिति में मैच रोककर उसका इलाज किया जाता है. खिलाड़ी के घायल होने के बाद से समय नहीं गिना जाता है. समय को खिलाड़ी के मैदान में लौटने पर शुरू किया जाता है.

कराटे में खिलाड़ी के घायल होने के नियम (Karate rule for injury) 

कराटे एक शारीरिक खेल है और इसमें चोट लगने और घायल होने की काफी संभावना होती है हालांकि इसे खेल भावना के साथ खेला जाता है लेकिन कई बार कुछ खिलाड़ी चोट के शिकार हो जाते हैं. खिलाड़ी को चोट लगने के दो प्रमुख कारण होते हैं. पहला कारण तो ये की दूसरे खिलाड़ी ने फ़ाउल करके उसे मारा. ऐसे में घायल खिलाड़ी को विजयी घोषित कर दिया जाएगा. कई बार ऐसा होता है की दोनों खिलाड़ी गलत तकनीक का प्रयोग करते हैं और दोनों ही घायल हो जाते हैं ऐसे में जो खुद मैदान छोड़कर चला जाता है उसे हारा हुआ मान लिया जाता है.

कराटे में फ़ाउल के नियम (karate foul rule) 

कराटे एक खेल है न की बदला लेने वाला कोई खेल. इसे हमेशा खेल भावना के साथ ही खेला जाना चाहिए. कोई भी व्यक्ति इसमें अपना बदला न निकाले या दूसरे खिलाड़ी को चोट न पहुंचाए इसके लिए इस खेल के कुछ नियम बनाए गए हैं जिनका उलंघन करने पर फ़ाउल माना जाता है.

– अगर कोई खिलाड़ी विरोधी खिलाड़ी के सिर पर लगातार प्रहार करता है तो उसे फ़ाउल माना जाता है.
– अगर कोई खिलाड़ी विरोधी खिलाड़ी के बाजुओं और टांगों के अलावा शरीर के अन्य भागों पर प्रहार करता है तो फ़ाउल माना जाता है.
– अगर कोई खिलाड़ी प्रतियोगी खिलाड़ी के नितंब पर प्रहार करता है तो फ़ाउल माना जाता है.
– खेल के समय गुप्तांगों, आँखों पर प्रहार करना भी फ़ाउल माना जाता है.
– कराटे कोर्ट से बाहर जाना या विरोधी को बाहर निकालना फ़ाउल माना जाता है.
– रेफरी और जज के साथ दुर्व्यवहार करना फ़ाउल माना जाता है.

कराटे कैसे सीखें? (How to learn karate?) 

कराटे आप किसी विडियो को देखकर या लेख को पढ़कर नहीं सीख सकते क्योंकि ये एक शारीरिक गतिविधि है जिसमें आपको गलत मूव करने से नुकसान भी हो सकता है. कराटे सीखने के लिए आप किसी सर्टिफाइड इंस्टीट्यूट को चुनें. वहाँ से कराटे के लिए ट्रेनिंग लें. इसके बाद आप चाहे तों आगे चलकर कराटे प्रतियोगिता में हिस्सा भी ले सकते हैं.

कराटे एक खेल है लेकिन कई लोग इसका प्रयोग लोगों को डराने-धमकाने और गैर कानूनी कार्यों में करते हैं. कराटे का उपयोग आमतौर पर आत्मरक्षा के लिए किया जाता है. यदि आप कराटे सीख रहे हैं तो इसे गलत उद्देश्य के साथ न सीखे. अगर आप किसी व्यक्ति से बदला लेने के लिए इसे सीख रहे हैं तो न सीखें.

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