Life Insurance Policy Surrender: LIC Policy को समय से पहले कैसे करें सरेंडर?

LIC Policy surrender करने की एक प्रक्रिया होती है. पॉलिसी को सरेंडर करने से पहले जरूरी होता है कि एक बार आप अपने एजेंट से बात करें और सरेंडर के बाद मिलने वाली राशि के आधार पर ही तय करें कि आपको क्या करना है.

किसी भी तरह की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लंबी अवधि में ही फायदेमंद होती है जाहिर है क्योंकि इस तरह की पॉलिसी बीमा धारक की मृत्यु के बाद उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करती है. बात जब LIC की होती है तो यह ना केवल भारत में बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी बीमा कंपनियों में से एक है और एलआईसी के पास हर तरह के व्यक्ति के लिए बीमा प्लान होते हैं. बावजूद इसके कई बार कई लोग बीमा कंपनियों के प्लान अथवा पॉलिसी से बीच में ही असंतुष्ट हो जाते हैं और उसे बंद करना चाहते हैं. ऐसे में यदि कोई बीमाधारक पॉलिसी से संतुष्ट नहीं है तो वह ली गई पॉलिसी को सरेंडर कर सकता है.

जहां तक LIC Policy surrender करने की बात है तो जीवन बीमा पॉलिसी को सरेंडर करने के लिए यह जरूरी होता है कि पॉलिसी धारक इंश्यारेंस कंपनी की ओर से जारी गाइड लाइन और शर्तों को पूरा करे.

क्या है पॉलिसी सरेंडर करने की प्रक्रिया (How to surrender lic policy before maturity)

केवल LIC ही नहीं बल्कि किसी भी पॉलिसी को सरेंडर करने के लिए सबसे एक बार यह देख लेना चाहिए कि क्या वाकई में मौजूदा पॉलिसी की ओर से वैसे लाभ नहीं मिल पा रहे हैं जिसके चलते पहले उसने पॉलिसी ली थी. (how to surrender my lic policy) यदि लाभ नहीं है तो फिर पॉलिसी सरेंडर करने के बारे में सोचना चाहिए. (surrender procedure of lic policy) पॉलिसी सरेंडर करने से पहले जरूरी है कि आप सरेंडर प्रक्रिया को एक बार अपने एजेंट से समझें. यह जानें कि यदि तय समयावधि से पहले पॉलिसी को सरेंडर किया जाता है तो इन बातों को समझना चाहिए.

भुगतान शुल्क या फिर सरेंडर चार्जेस क्या होंगे? (surrender charges of lic policy) 

पॉलिसी को सरेंडर करने से पूर्व यह जान लेना जरूरी है कि भुगतान के बाद जो रिफंड की रकम यानी सरेंडर वैल्यू होगी वह कितनी होगी? ध्यान रखें सरेंडर वैल्यू वह होती है जो किसी भी बीमाधारक को तब मिलती है जब वह पॉलिसी को तय समयावधि से पहले ही सरेंडर करता है और उस पर चार्जेस काटे जाने के बाद जो रकम होती है वह सरेंडर वैल्यू कही जाती है.

सरेंडर वैल्यू दो प्रकार की होती है- (what is surrender value in lic)

  • गारेंटेड सरेंडर वैल्यू (Guaranteed surrender value) 
  • स्पेशल सरेंडर वैल्यू (Special surrender value of lic policy)

गारेंटेड सरेंडर वैल्यू वह होती जो किसी भी पॉलिसीधारक को पॉलिसी की न्यूनतम अवधि पूरा होने के बाद मिलती है. इसे यदि 3 वर्ष मानें तो तीन साल के बाद जो राशि प्राप्त होगी वह भुगतान किए गए प्रीमियम का 30% तक होगा. ध्यान रखें इसमें प्रथम वर्ष में भुगतान किया गया प्रीमियम, राइडर्स की भुगतान की गई अतिरिक्त लागत और बोनस जो पहले संभावित था वह शामिल नहीं किया जाएगा.

स्पेशल सरेंडर वैल्यू-
आइए अब स्पेशल सरेंडर वैल्यू को समझ लेते हैं, लेकिन स्पेशल सरेंडर वैल्यू को समझने के लिए पहले आप (what is Paid Up Policy) पेड-अप वैल्यू को समझ लीजिए. पेड-अप वैल्यू से आशय पॉलिसी के उस मूल्य से है जो अंतिम भुगतान की गई प्रीमियम के समय रहती है. पेड-अप वैल्यू की गणना मूल बीमा राशि और भुगतान किए गए प्रीमियम की संख्या व देय प्रीमियमों की संख्या के भागफल से गुणा करके प्राप्त की जाती है.

ध्यान रखिए पॉलिसी को बंद करने पर आपको एक विशेष सरेंडर वैल्यू प्राप्त होती है और इसी की गणना पेड-अप वैल्यू के योग के आधार पर की जाती है. इधर कुल बोनस को सरेंडर वैल्यू फैक्टर से गुणा करते हैं और जो वैल्यू प्राप्त होती है वह स्पेशल सरेंडर वैल्यू होती है.

सरेंडर के लिए जो दस्तावेज  (lic policy surrender documents required)

  • पॉलिसी रिक्वेस्ट जिसे आपको बीमा कंपनी को जमा करना होता है.
  • आवदेन के साथ मूल पॉलिसी दस्तावेज
  • एक कैंसल चेक
  • आधार कार्ड, पेन कार्ड, जो सेल्फ अटेस्टेड हो
  • सरेंडर फॉर्म भरते समय सरेंडर के कारण का भी उल्लेख हो.
  • अतिरिक्त जो कंपनी की ओर से मांगा जाए. 
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