आर्ट्स सब्जेक्ट्स में भी हैं करियर की बेहतर संभावनाएं

आमतौर पर जानकारी के आभाव में आर्ट्स से पढ़ने वालों को कम आंका जाता है, साथ ही उनके करियर को लेकर भी कम संभावना ही जताई जाती है. हालांकि इस तरह का पूर्वाग्रह एकदम निराधार है. यह विषय काफी चुनौतियों से भरा होने के साथ ही इसमें करियर की अपार अवसर हैं.

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आमतौर पर जानकारी के आभाव में आर्ट्स से पढ़ने वालों को कम आंका जाता है, साथ ही उनके करियर को लेकर भी कम संभावना ही जताई जाती है. हालांकि इस तरह का पूर्वाग्रह एकदम निराधार है. यह विषय काफी चुनौतियों से भरा होने के साथ ही इसमें करियर की अपार अवसर हैं.

अपीलिंग सब्जेक्ट्स चुनने की स्वतंत्रता 

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आर्ट्स के अंतर्गत स्टूडेंट्स को सबसे अधिक अपीलिंग सब्जेक्ट्स चुनने की आज़ादी होती है. यहां अपीलिंग सब्जेक्ट्स का मतलब जिस विषय को पढ़ने में स्टूडेंट्स की रूचि हो. सीधी सी बात है कि जिस विषय में स्टूडेंट्स की रूचि होगी उसमे वह अपना बेहतर करियर भी बना सकेगा. 

आर्ट्स के अंतर्गत आने वाले विषय 

आर्ट्स का क्षेत्र बहुत विस्तृत है फिर भी हम मानविकी (Humanities)  इसकी शुरुआत करते हैं. मानविकी के अंतर्गत ‘मनुष्य की स्थिति’ की स्ट्डी की जाती है. मानव व्यवहार, सामाजिक-सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रणालियों के विकास के पीछे के कारण समझकर उसकी ऐतिहासिक जानकारी पता लगाना आदि शामिल हैं.

जाने क्या है फाइन आर्ट्स 

“एक ऐसी कला जिसका अभ्यास पूर्ण रूप से अपने सौंदर्य मूल्यों और सौंदर्य विकास के लिए किया जाता है.” वही ललित कला है. कला के क्षेत्र में ललित कला एक व्यापक शब्द है, जिसमें विजुअल आर्ट्स, परफॉर्मिंग आर्ट्स और साहित्यिक कला आदि शामिल हैं.

विजुअल आर्ट्स यानी दृश्य कला जो कि दृश्य कला रूपों के विकास से जुड़ा हुआ है. इसमें प्रसिद्ध कलाकारों और उनके कार्यों के साथ ही उनकी प्रेरणा को समझने का प्रयास किया जाता है. इसके अलावा इसमें चित्रकला, मूर्तियां और अपने साथ ही दूसरों की प्रतिमूर्तियां बनाने का रचनात्मक कौशल विकसित किया जाता है.

परफॉर्मिंग आर्ट्स में प्रदर्शन कला कौशल के विकास पर जोर दिया जाता है. प्रदर्शन कलाओं के अध्ययन में संगीत, अभिनय, नृत्य और रंगमंच जैसे डोमेन शामिल हैं. वहीं साहित्यिक कला साहित्यिक कला कृतियों के लेखन से संबंधित है. 

10वीं के बाद चुनें आर्ट स्ट्रीम  विषय 

स्टूडेंट्स 10वीं कक्षा पास करने के बाद अपने पसंद के आर्ट्स सब्जेक्ट्स चुनकर 12वीं पास करें. इसके बाद आपको तीन साल में बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) की डिग्री कम्प्लीट करनी होगी. इसके अंतर्गत विभिन्न विषय हैं जिसे छात्र अपने करियर के अनुसार चुन सकते हैं. इसके साथ ही स्टूडेंट्स बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) और  बीआर्क (बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर) की डिग्री भी ले सकते हैं.

हाई स्कूल में आर्ट्स चुनकर करें लॉ कोर्सेज

जो स्टूडेंट्स भविष्य में वकील बनना चाहते हैं उनको हाई स्कूल में आर्ट्स विषय का चयन करना फायदेमंद रहेगा. आर्ट्स से ग्रेजुएशन कर आप एलएलबी में दाखिला ले सकते हैं. एलएलबी कोर्सेज में एडमिशन लेने की योग्यता स्नातक है.

वैसे आजकल छात्र कानून में पांच साल के एकीकृत कार्यक्रमों का चयन भी कर सकते हैं.  संबंधित दो डिग्री हैं बीए + एलएलबी यानी कि बैचलर ऑफ आर्ट्स और बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ साथ ही बीबीए+एलएलबी यानी बैचलर ऑफ बिज़नस एडमिनिस्ट्रेशन और बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ.

आर्ट्स स्टूडेंट्स मैनेजमेंट फील्ड में बनाएं करियर 

आर्ट्स स्ट्रीम से 12वीं पास कर स्टूडेंट्स कई मैनेजमेंट कोर्स भी कर सकते हैं. इनमें ग्रेजुएशन और एकीकृत पांच साल के कोर्सेज के साथ ही शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेशन प्रोग्राम्स भी शामिल हैं. आमतौर पर स्टूडेंट्स बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) और बीएमएस (बैचलर ऑफ बिजनेस स्टडीज) डिग्री करते हैं.

इन डिग्री कोर्स के अलावा 5 साल की अवधि वाला एकीकृत बीबीए+एमबीए प्रोग्राम और बीएचएम (बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट) कोर्स किए जा सकते हैं. वहीं डिप्लोमा की बात करें तो रीटेल मैनेजमेंट, फैशन डिजाइन/डिजाइन कोर्सेज, डिजाइनिंग आर्ट्स छात्रों के लिए एक बड़ा करियर डोमेन है.

सर्टिफिकेशन और डिप्लोमा कोर्सेज

आर्ट्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए डिजाइन स्ट्रीम में कई ग्रेजुएशन लेवल के कोर्सेज उपलब्ध हैं. डिजाइन में ग्रेजुएशन कोर्सेज के अलावा सर्टिफिकेशन और डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं.

इन कोर्स में बैचलर ऑफ टेक्सटाइल डिज़ाइन, बैचलर ऑफ डिज़ाइन (एक्सेसरी), बैचलर ऑफ फैशन कम्युनिकेशन, बैचलर ऑफ इंटीरियर डिजाइनिंग, बैचलर ऑफ प्रोडक्ट डिज़ाइन, फर्नीचर और इंटीरियर डिजाइन कोर्सेज, बैचलर ऑफ डिजाइन (लेदर), बैचलर ऑफ फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी शामिल हैं.

परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्सेज

परफॉर्मिंग आर्ट्स में रुचि रखने वाले स्टूडेंट्स कक्षा 12वीं  आर्ट्स विषय से पास करने के बाद कई परफॉर्मिंग आर्ट्स कोर्सेज कर सकते हैं. इन कोर्सेज को विशेष रूप से आवश्यक ज्ञान हासिल करने और आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद हेतु ही डिज़ाइन किया गया है.

इस डोमेन में सबसे लोकप्रिय कोर्सेज परफॉर्मिंग आर्ट्स या बीपीए में बैचलर डिग्री है. इनके अलावा संबंधित परफॉर्मिंग आर्ट्स के लिए विशिष्ट शॉर्ट-टर्म डिप्लोमा और सर्टिफिकेट लेवल कोर्स भी विभिन्न संस्थानों द्वारा कराए जाते हैं अर्थात स्क्रिप्ट लेखन में डिप्लोमा और डांस में डिप्लोमा आदि.

क्या हैं करियर स्कोप

आर्ट स्ट्रीम स्टूडेंट्स के करियर और जॉब ऑपर्चुनिटी की बात करें तो इसमें भरपूर अवसर हैं. सबसे लोकप्रिय करियर विकल्प टीचिंग है. स्टूडेंट्स अपने विषय में स्पेशलाइजेशन कर इस फील्ड में आसानी से जा सकते हैं. इसके अलावा बिजनेस मैनेजर, वकील, संगीतकार, डांसर, कलाकार, अभिनेता, व्यापारी, अर्थशास्त्री, फैशन डिजाइनर आदि जॉब शामिल हैं.

सरकारी नौकरी में भी हैं शानदार विकल्प 

आर्ट्स स्ट्रीम के स्टूडेंट्स विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों में नौकरी चुन सकते हैं. साथ ही यूपीएससी सहित ब्यूरोक्रेसी में शामिल होने के लिए बैंकिंग क्षेत्र भर्ती परीक्षा, एसएससी / कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा या राज्य पीसीएस परीक्षाओं में भी शामिल हो सकते हैं. 

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकता, सतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. अधिक जानकारी के लिए किसी करियर काउंसिल की सलाह जरूर लें.)