Netflix-Amazon prime video का दौर और गाली-गलौज में डूबती हिंदी फिल्मेेंं

कठोर वास्तविकता दर्शाने के लिए इस फिल्म में गालियों और बलात्कार के दृश्यों की भरमार थी. 90 के दशक का सिनेमा रोमांस और मारधाड़ से भरी फिल्मों के बीच कहीं अपनी राह तलाश रहा था. ऐसे में फूलन के संवाद दर्शकों को हतप्रभ कर रहे थे. 
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भारतीय सिनेमा में मील का पत्थर है सुनील दत्त की “यादें”

सिनेमा के हरएक दौर में फिल्म मेकिंग और प्रस्तुतिकरण को लेकर नित नए प्रयोग होते रहे हैं. देश में ऐसा ही एक प्रयोग साल 1965 में फिल्म "यादें" में किया गया. इस पूरी फिल्म में सुनील दत्त अकेले ही किरदार थे. एकल किरदार को लेकर हॉलीवुड और बॉलीवुड…
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#metoo: बदलेगी समाज की पुरुष प्रधान सोच?

एक दौर ऐसा भी था जब कला माध्यमों में महिलाओं की भागीदारी लगभग न के बराबर थी. नगण्यता के इस दौर को उन्नीसवीं शताब्दी के दो प्रमुख प्रतिभाशाली कलाकारों के काम को देखकर समझा जा सकता है. ये कलाकार थे महान चित्रकार राजा रवि वर्मा और दूसरे थे…
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Rear Window: अल्फ्रेड हिचकॉक की एक अनूठी खिड़की

दूसरों की जिंदगी में झांकना अनादि काल से मनुष्य का शगल रहा है. ढंके हुए को देखने की उत्सुकता मनुष्य के स्वाभाव के आधारभूत अवगुणों में नैसर्गिक रूप से शामिल रही है. ताकझांक की भूमिका पर सस्पेंस के बादशाह अल्फ्रेड हिचकॉक (Sir Alfred Joseph…
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जन्मदिन विशेष अमिताभ बच्चन: क्यों अंजाम तक नहीं पहुंची रेखा-बिग-बी की प्रेम कहानी

कुछ प्रेम कहानियां ऐसी होती हैं जिनके होने का कोई सबूत नहीं होता, परन्तु उनके किस्से बरस दर बरस सुनाए जाते रहे हैं. ऐसी ही एक कहानी महानायक अमिताभ से जुड़ी है. जो कि हर बरस उनके जन्मदिन (11 अक्टूबर ) पर हवा में तैरने लगती है.
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गांधी150: लाइफ में केवल एक फिल्म देखी थी गांधी ने जबकि उन पर बनीं सैंकड़ो फिल्म

गांधी जी के जीवन और विचारों  को समेटने की कोशिश में सैंकड़ों किताबे लिखी गई है परन्तु उनकी मृत्यु के बीस बरस तक सिनेमा ने उन्हें लगभग नजर अंदाज ही किया. स्वयं गांधीजी सिनेमा के विरोधी थे और अपने जीवन में उन्होंने एकमात्र फिल्म ' राम राज्य…
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Bollywood female directors:  सफलता के बाद भी संघर्ष में महिला फिल्मकार

हिंदी फिल्मों में महिला फिल्मकारों और निर्देशकों का इतिहास पुराना है. लेकिन महिलाओं को बॉलीवुड में सम्मानित जगह 90 के दशक के बाद ही मिली. आज जोया अख्तर, रीमा कगती, मेघना गुलजार, अपर्णा सेन और मीरा नायर जैसी बड़ी महिला फिल्म मेकर हैं…
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कहानी जेम्स बॉण्ड की? कैसे फिल्मों में आया बॉण्ड का किरदार

जेम्स बॉण्ड दुनिया भर के सिनेप्रेमियों का जाना-पहचाना नाम है. इसे अंग्रेजी लेखक और उपन्यासकार इयान फ्लेमिंग द्वारा रचा गया. यह काल्पनिक पात्र अपने हैरत अंगेज कारनामों के कारण पिछले पचास वर्षों से दर्शकों का मनोरंजन करता रहा है. 1962 से लेकर…
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बुलंदियों पर अमिताभ और करियर तलाशते अभिषेक बच्चन

बीते दो साल से फिल्मों से दूरी बनाने वाले अभिषेक बच्चन फिल्म 'मनमर्जिया' से दोबारा पर्दे पर आ रहे हैं. वे इस फिल्म में सिख की भूमिका निभा रहे हैं. उन्हें इस फिल्म से काफी उम्मीदेें हैं.
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आरके. स्टूडियो, शो मैन राजकपूर की दुनिया: हम कब सीखेंगे विरासतों को बचाना?

हिंदी सिनेमा में शो मैन केे नाम से मशहूर दिग्गज फिल्म अभिनेता और निर्माता राजकपूर का मुंबई के चेंबूर स्थित आरके स्टूडियो बिकने की कगार पर है. कपूर फैमिली ने अपनी पारिवारिक और हिंदी सिनेमा की विरासत इस स्टूडियो को संभालने में असमर्थता जताई…
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