Basketball Rule : बास्केटबॉल के नियम, मैदान लंबाई चौड़ाई तथा इतिहास

आपने कई लोगों को बास्केटबॉल खेलते हुए देखा होगा. देखकर ये खेल बहुत ही आसान लगता है लेकिन बास्केटबॉल के नियम (basketball rule) है और इन नियमों का पालन बास्केटबॉल खिलाड़ियों को करना पड़ता है. बास्केटबॉल खेलना वैसे तो काफी आसान है लेकिन इसके लिए आपके स्टेमिना, फुर्ती और आपकी लंबाई का सही होना काफी जरूरी है.

आपने कई लोगों को बास्केटबॉल खेलते हुए देखा होगा. देखकर ये खेल बहुत ही आसान लगता है लेकिन बास्केटबॉल के नियम (basketball rule) है और इन नियमों का पालन बास्केटबॉल खिलाड़ियों को करना पड़ता है. बास्केटबॉल खेलना वैसे तो काफी आसान है लेकिन इसके लिए आपके स्टेमिना, फुर्ती और आपकी लंबाई का सही होना काफी जरूरी है.

बास्केटबॉल का इतिहास (basketball history)

बास्केटबॉल की शुरुवात साल 1891 में कनाडा में जन्में एक शारीरिक शिक्षक डॉ. जेम्स नाईस्मिथ ने की. इन्हें अमेरिका के स्प्रिंगफील्ड की लंबी सर्दियों के दौरान एक ऐसे अपने छात्रों को फिट रखने के लिए एक इंडोर गेम की तलाश थी. इस तलाश में उन्होने वहां के जिम्नेजियम में 10 फुट ऊपर एक टोकरी लटका दी और उसमें गेंद डालना शुरू किया. इस तरह इस गेम की शुरुवात हुई.

बास्केटबॉल मैदान की लंबाई चौड़ाई (basketball court layout)

बास्केटबॉल मैदान एक आयताकार मैदान होता है जो 28 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा होता है. ये आमतौर पर लकड़ी का बना होता है. और इसमें कोई भी रुकावट या बाधा नहीं होती है. इसके दोनों छोर पर दो टोकरी यानि बास्केट लटकी होती है जो वृत्ताकार होती हैं. इन्हीं में आपको बॉल को डालना होता है. ये एक इंडोर गेम है इसलिए इसमें प्रकाश की भी व्यवस्था की जाती है और पूरे मैदान पर एक जैसी लाइट रखी जाती है ताकि खेलते समय खिलाड़ी को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो.

बास्केटबॉल गेंद (basketball)

ये गेंद गोलाकार होती है तथा चमड़े की बनी होती है. इसका अंदरूनी भाग रबर या किसी अन्य पदार्थ का बना हुआ होता है. बास्केटबॉल का वृत्त 75 से 78 सेमी के बीच होता है. इसका वजह 600 से 650 ग्राम तक ही होना चाहिए. इससे ज्यादा नहीं. इसमें हवा का दबाव इतना होना चाहिए की अगर इसे ऊपर से नीचे फेंका जाए तो इसकी ऊंचाई 1.20 मीटर से 1.40 मीटर तक जाये इससे अधिक न जाए.

बास्केटबॉल के नियम (basketball rule)

– बास्केटबॉल में एक टीम में 5 खिलाड़ी होते हैं जिनमें से एक कप्तान होता है. इसमें और भी खिलाड़ी होते हैं जो एक दूसरे को बदलते रहते हैं पर मैदान में 5 खिलाड़ी ही उतरते हैं.
– बास्केटबॉल खेलने के समय की बात करें तो इसमें 10 या 12 मिनट के चार क्वार्टर होते हैं.
– बास्केटबॉल में आपको गेंद लेकर विरोधी टीम के बास्केट में डालनी होती है. इन चार क्वार्टर में जो टीम ज्यादा बार बास्केट में गेंद डालती है उसकी जीत होती है.
– बास्केटबॉल गेम की शुरुवात में एक अधिकारी या रैफरी द्वारा दोनों टीमों के खिलाड़ियों और मैदान के बीच में गेंद को उछला जाता है. गेंद को उछालते वक़्त दो खिलाड़ी अर्धवृत्त के अंदर पांव रखकर अपनी बास्केट के पास खड़े होंगे और उनका एक पैर बीच में पड़ी रेखा के केंद्र के पार होगा.
– जिस समय गेंद बास्केट के कोर्ट से ऊपर नीचे की जाती है उस समय विरोधी टीम का खिलाड़ी अपने सीमित क्षेत्र में न तो गेंद को छु सकता है और न ही पकड़ सकता है.

बास्केटबॉल में समय के नियम (basketball time rule)

बास्केटबॉल पूरी तरह समय और गोल पर निर्भर गेम है. इसमें समय को लेकर कुछ नियम होते हैं.
– खेलते समय अगर कुछ गलती हो जाए तो वो मृत बॉल कहलाती है. इस समय रैफरी घड़ी को रोक देता है.
– जब रेफरी खेल को रोकता है तो वो घड़ी को रोकता है.
– जब भी खेल के दौरान किसी व्यक्ति को चोट लग जाती है तो खेल का समय रोक दिया जाता है.

बास्केटबॉल खिलाड़ियों के नियम (basketball players rule)

– बास्केटबॉल मैदान में जाने से पहले स्कोर लिखने और देखें वाले व्यक्ति के पास जाकर रिपोर्ट करेगा और उसे तुरंत खेलने के लिए प्रस्तुत रहना पड़ेगा.
– खिलाड़ी का स्थान का निर्धारण उस स्थान से होगा जहां से वो भूमि को स्पर्श करता है और रैफरी का भी इसी नीति से निर्धारण होता है.
– जिस खिलाड़ी के हाथ में रहेगी या जो उसे लुड़का रहा होगा गेंद पर उसका अधिकार होगा.
– खेल के दौरान अगर कोई खिलाड़ी बाहर की भूमि को स्पर्श करे तो वो सीमा के बाहर हो जाएगा.
– जब गेंद को पकड़ने वाला कोई खिलाड़ी एक या अधिक बार किसी दिशा में उस पांव पर आगे बढ़ता है तब दूसरा पांव जो भूमि पर जमा हुआ है उसे विवर्तन कहते हैं.
– जब विपक्षी दल के दो या उससे ज्यादा खिलाड़ी गेंद को हाथ में दृढ़ता से पकड़ लेते हैं तो वह उस गेंद का अवरोधन कहलाता है.
– जब गेंद किसी टीम के अधिकार में हो उस टीम का कोई खिलाड़ी विरोधी टीम के नियंत्रित क्षेत्र में तीन सेकंड से ज्यादा नहीं रह सकता.
– जब नजदीक का कोई खिलाड़ी गेंद को खेल से रोकता है तब पाँच सेकंड में गेंद को खेल में डालने के कोई सामान्य प्रयत्न नहीं करता तो ये गेंद का अवरोधन कहलाता है.

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