Mark zuckerberg life story: फेसबुक CEO मार्क जकरबर्ग की कहानी

22 साल के इस नौजवान की यह कामयाबी दुनिया के लिए आज भी एक आश्चर्य हैं. दुनिया का सबसे कामयाब नौजवान मार्क एलियट जकरबर्ग एक अमेरिकी कंप्यूटर प्रोग्रामर से लेकर दुनिया के सोशल मीडिया किंग कब बन गए उन्हें खुद ही पता नहीं चला.

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(Facbook.com) फेसबुक से आज दुनिया का हर इंसान वाकिफ है. या यूं कहें कि फेसबुक अपने आप में ही एक दुनिया है. सोशल मीडिया की दुनिया में क्रांतिकारी परिवर्तन ला देने वाली फेसबुक का नीले कलर का एफ वाला लोगो आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है. जाना-पहचाना नाम आज हर आम और खास के लिए एक जरिया है अपने दोस्तों से, अपने मिलने वालों से,बिजनेस पार्टनर से बतियाते हुआ कई विचार शेयर करने का. इस क्रांतिकारी परिवर्तन के प्रणेता हैं एक नौजवान. नाम है मार्क जुकरबर्ग.

मार्क जकरबर्ग का जीवन (Mark zuckerberg life story)
2006 में एक छोटे से ऑफिस में किराए के कमरे में शुरू किया गया एक आइडिया आज देश और दुनिया भर में इंटरनेट में क्रांति ला चुका है. मार्क जकरबर्क आज अरबों की संपत्ति के मालिक हैं जबकि फेसबुक दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दर्जा रखता है. 2010 में इसके जनक मार्क जुगरबर्ग को बहुत कम उम्र में ही दुनिया के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में शामिल किया गया.

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22 साल के इस नौजवान की यह कामयाबी दुनिया के लिए आज भी एक आश्चर्य हैं. दुनिया का सबसे कामयाब नौजवान मार्क एलियट जकरबर्ग एक अमेरिकी कंप्यूटर प्रोग्रामर से लेकर दुनिया के सोशल मीडिया किंग कब बन गए उन्हें खुद ही पता नहीं चला.

महज 22 साल की उम्र में दुनिया के सबसे कामयाब इंसान और सबसे प्रभावशाली इंसान के साथ अरबपतियों की सूची में शामिल हुए मार्क 14 मई 1984 को अमेरिका के न्यूयॉर्क में जन्में. मार्क के पिता एडवर्ड एक डेन्टिस्ट थे और उनकी मां करेंन केप्टनेर एक मनोचिकित्सक.

मार्क जकरबर्ग की संपत्ति (Mark zuckerberg net worth)
(Facebook CEO) फेसबुक के सीईओ मार्क आज 50 अरब से ज्यादा की संपत्ति के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में शामिल हैं. कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के गुण उन्होंने अपने पिता से पाए. वे एक समय तक Zucknet सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग के जरिये पिता को अपने क्लीनिक में मदद किया करते थे. यही नहीं स्कूल के दिनों में उन्होंने एक मीडिया म्यूजिक प्लेयर बना दिया था.

फेसबुक का आविष्कार (Facebook journey and history) 
हॉस्टल के कमरे से फेसबुक का आविष्कार करने वाले जुकरबर्ग ने 4 फरवरी 2004 को अमेरिकी कारोबारी के कहने पर फेसबुक का आविष्कार किया. दिव्य नरेंद्र नाम के इस कारोबारी ने उन्हें स्टूडेंट के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने के लिए प्रेरित किया जिस पर वे आपस में एक दूसरे से बात कर सके. यहीं से पैदा हुई फेसबुक के जन्म की कहानी.

एक बेहद प्रतिभाशाली विद्यार्थी रहे मार्क ने एंड्रयू मैकुलम, क्रिस होज, डस्टेन मॉस्कोविज नाम के अपने दोस्तों के साथ मिलाकर 28 अक्टूबर 2003 को Facemash नाम की एक सोशल वेबसाइट डिजाइन की. इसे बाद में हॉर्वर्ड कनेक्शन आइडिया का नाम दिया गया और इसे बाद में thefacebook.com के नाम से जाना गया जो आज facebook.com कहा जाता है.

मार्क जुकरबर्ग की जीवनी (Mark zuckerberg biography)
बुद्धिमान, गणित, खगोल शास्त्र में अपने स्कूल और कॉलेजों में कई पुरस्कार प्राप्त मार्क जकरबर्ग कई भाषाओं के जानकार हैं और उनकी सोशल साइट फेसबुक के बिन आज लोगों का जीवन अधूरा ही माना जा रहा है. कहानी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने अपनी कामयाबी की कहानी खुद लिखी और वह भी इतनी कम उम्र में. (mark zuckerberg family)

19 मई 2012 को लंबे समय तक प्रेमिका रही केलिफोर्निया की प्रिस्किलिया चेन से उनकी शादी हुई और आज उनकी दो बेटियां मेकिंमा चेन और ऑगस्ट जकरबर्ग हैं. (mark zuckerberg wife) फेसबुक के साथ आज मार्क मीडिया टेक, opera सॉफ्टवेयर,नोकिया, सेमसंग,एरिकसन जैसी कंपनियों से भी जुड़ चुके है.

फेसबुक डाटा लीक मामला (facebook data leak case)
मार्क Facebook बनाए जाने के समय महज 19 साल के थे कम उम्र के कारण मज़ाक उड़ने वाले उन्हें “Toddler CEO” यानी “बच्चा CEO” कहते थे. वहीं मार्क पर फेसबुक का आइडिया harvardconnectins.com  से चुराने का आरोप भी लगा. Facebook पर अपने users का data “Cambridge Analytica” नामक फर्म से साझा करने का आरोप भी लगा. अमेरिकी चुनावों में इस डाटा का दुरुपयोग की बातें भी सामने आईं और फेसबुक ने इस पर सार्वजानिक माफ़ी भी मांगी.

2 बिलियन से अधिक facebook monthly active users से 272 बिलियन डॉलर की कमाई करने वाली फेसबुक के मालिक मार्क जुगरबर्ग के अनुसार ‘मतलब अगर आप किसी भी चीज को सही से जोड़ना चाहते हैं या ठीक करना चाहते हैं तो आपको पहले उस चीज को अलग-अलग करना पड़ेगा या तो तोड़ना पड़ेगा.

फेसबुक से लोगों का समय बर्बाद नहीं होता क्योंकि इससे लोग अपनों से और अपने समाज से जुड़े रहते हैं. ज़करबर्ग ने Giving Pledge पर हस्ताक्षर किये है. इसका अर्थ है कि वह मरने से पहले अपनी 50% कमाई परोपकार में लगाएंगे.

2010 में उन्होंने न्यूजर्सी में Newark School System को बचाने के लिए 100 मिलियन डॉलर दान भी किये थे. आज वे उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं जिन्होंने बेहद कम उम्र में अपने आपको कामयाबी में उस बुलंदी तक पहुंचा लिया जहां पहुंचना किसी दूसरे के बूते की बात नहीं. 22 साल की उम्र में में अरबपति बने जकरबर्ग आज दुनियाभर के सबसे कम उम्र के अमीरो में शामिल है और नौजवानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैंं.