Gautam adani life story: बिजनेस वर्ल्ड में क्यों सबसे अलग है गौतम अडानी की कहानी?

देश के बड़े औद्योगिक घरानों में शामिल अंबानी और टाटा की कहानी से जुदा इसलिए है क्योंकि मुकेश अंबानी अनिल अंबानी और टाटा के वंशजों को सब कुछ विरासत मिला जिसे उन्होंने बखूबी आगे बढ़ाया.

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दुनिया के सबसे बड़े उद्योगपतियों और अरबपतियों में भारत के गौतम अडानी (Gautam adani) का नाम पहले 10 उद्योगपतियों में शामिल है. गरीबी के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ने वाले गौतम अडानी आज विश्व के सबसे धनाढ्य लोगों की फेहरिस्त में शामिल हैं. उनके पिता शांतिलाल और मां शांता बेन गुजरात के रहने वाले हैं. 24 जून 1962 में अहमदाबाद में गुजराती जैन परिवार में सात भाई बहनों के परिवार में गौतम अडानी का जन्म हुआ.

1980 में वे मलय महादेविया नाम के अपने एक खास दोस्त से जुड़े रहे जो आगे चलकर उनके पार्टनर भी बने. गौतम से उनकी की दोस्ती का सिर्फ एक ही कारण था कि उनकी इंग्लिश गौतम से अच्छी थी, साथ ही उनके पास स्कूटर था जिससे वे उन दिनों अहमदाबाद की गलियां नाप् दिया करते थे. आगे चलकर यह दोस्ती बिजनस पार्टनरशिप में बदल गई.

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अडानी ग्रुप प्रोडक्ट्स और सहायक कंपनियां (Adani group products) 
आज अडानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज (gautam adani group of companies) कोयला खनन, तेल, गैस, बंदरगाह, मल्टीमॉडल, लॉजिस्टिक, इलेक्ट्रिकल जैसे क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका के साथ अपनी कई कंपनियां संचालित कर रहा है. 10 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के रईसों में शामिल गौतम अडानी आज दुनिया की सबसे बड़ी एक्सपोर्ट कंपनी के मालिक भी हैं.

एक जमाने में दोस्त के स्कूटर के अलावा कोई दूसरा साधन नहीं था वह आज खुद चार हेलीकॉप्टर के मालिक हैं, जिनका उपयोग मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी कर चुके हैं. 35 साल की अपनी कामयाबी में उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति को भी साथ रखा. आज वे अपनी पत्नी के साथ अडानी फाउंडेशन को संचालित करते हैं, जो विभिन्न सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई है. उनके पुत्र कर्ण और जीत फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं.

गौतम अडानी का जीवन परिचय (Gautam adani biography and family life)
देश के बड़े औद्योगिक घरानों में शामिल (dhirubhai ambani and jamshedji tata) अंबानी और टाटा की कहानी से जुदा इसलिए है क्योंकि मुकेश अंबानी अनिल अंबानी और टाटा के वंशजों को सब कुछ विरासत मिला जिसे उन्होंने बखूबी आगे बढ़ाया, लेकिन अडानी की कहानी इनसे अलग इसलिए है क्योंकि शून्य से शिखर तक का सफर अडानी ने खुद तय किया है.

मुफलिसी के शुरुआती दौर के कारण अडानी को अपने पढ़ाई तक बीच में छोड़ना पड़ी थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. मुंबई जैसे शहर में अकेले आए अडानी ने एक डायमंड फर्म में नौकरी करने से 300 प्रति माह की कमाई से अपने जीवन की शुरुआत की.

फिर उन्होंने कुछ पैसे संचय करने के बाद डायमंड ब्रोकरेज आउटफिट्स नाम की एक संस्था खोली लेकिन इससे उन्हें कुछ खास कामयाबी नहीं मिली .1981 में उनके बड़े भाई मनसुख भाई ने प्लास्टिक उत्पाद तैयार करने के कंपनी खोलते हुए उसके जिम्मेदारी गौतम अडानी को सौंपी.

गौतक अडानी की कहानी (Gautam adani achievements)
यहां से शुरू हुआ गौतम अडानी के तेज दिमाग जुनून जज्बात और व्यापार में आगे बढ़ने का सिलसिला. 1981 में वे एक्सपोर्ट कंपनी के मालिक बने. आगे चल के अन्य कारोबार में भी आए, जहां उन्हें सफलता मिली. इसके बाद ग्रुप में कोयला खदान खनन जैसे कारोबार में अपने हाथ डाले जहां उन्हें सफलता मिलती गई.

सफलता की कहानी के साथ सफलता की यह कहानी मारुति 800 से लेकर बीएमडब्ल्यू, ऑडी और दुनिया की सबसे महंगी कार के मालिक होते हुए के खुद के चार हेलीकॉप्टर तक पहुंच चुकी हैं. (Gautam adani cars).अरबों खरबों की संपत्ति के मालिक अडानी शून्य से शिखर पर आते गए और उनकी कंपनी लगातार एक के बाद एक सफलताएं पाती गई. 

विवादों में भी रहे हैं अडानी (gautam adani net worth)
बिजनेस की सफलता के बीच गौतम अडानी विवादों में भी रहे. एक तरह से उनका नाम विवादों के कारण ही चर्चा में आया. दरअसल, देश के बाहर ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में सबसे बड़ी 16.6 अरब डॉलर की कोयला खदान से खनन में प्रोजेक्ट विवादों में आ गया. ऑस्ट्रेलिया के पर्यावरणवादी ने प्रोजेक्ट को पर्यावरण के लिए नुकसानदायक बताया.

इधर मध्य प्रदेश में हीरा खदान का प्रोजेक्ट भी सुर्खियों में रहा. ग्रुप भारत सहित विदेशों में खनन व्यापार में दुनिया की प्रमुख कंपनी के रूप में जाना जाता है. बड़े-बड़े राजनेता दुनिया के बड़े हस्तियां आज गौतम अडानी से दोस्ती रखती हैं. शून्य से शिखर तक आए ,गरीबी में पढ़ाई छोड़ने वाले गौतम अडानी आज उद्योग की दुनिया का सबसे बड़ा नाम बन गए हैं. इस वक्त वह लगभग दस अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं.