Hanuman Chalisa का करते हैं पाठ, तो जरूर जानिए हनुमान चालीसा के महत्वपूर्ण नियम

क्या आप हनुमान चालीसा के नियम के बारे में जानते हैं. हनुमान चालीसा पढ़ने से पहले इसके कुछ नियम को ध्यान रखना चाहिए. इसके बाद ही हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. 

बल और बुद्धि के दाता हनुमान जी सभी के आराध्य है. हिन्दू धर्म में मंगलवार और शनिवार दोनों दिन हनुमान जी की आराधना के दिन है. श्रीराम भक्त हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए आप नियमित रूप से हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa ke niyam) का पाठ करते होंगे. लेकिन क्या आप हनुमान चालीसा के नियम के बारे में जानते हैं. हनुमान चालीसा पढ़ने से पहले इसके कुछ नियम को ध्यान रखना चाहिए. इसके बाद ही हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. 

हनुमान चालीसा कब पढ़नी चाहिए? (Hanuman Chalisa Kab Padhe?) 

हनुमान चालीसा का यदि सही दिन और सही समय पर पाठ किया जाए तो ये फलदायी रहती है. यदि आप हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहते हैं तो आप मंगलवार और शनिवार को कर सकते हैं. इस दिन आप प्रातःकाल स्नान करने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं. 

इसके अलावा आप चाहे तो अपनी यथाशक्ति कभी भी हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं. लेकिन हनुमान चालीसा का पाठ हमेशा स्नान करने के बाद करना चाहिए. 

हनुमान चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए? (Hanuman Chalisa ka Path Kitni bar kare?) 

हनुमान चालीसा का पाठ कितनी बार किया जाना चाहिए? ये सबसे बड़ा सवाल है क्योंकि काफी सारे लोग हनुमान चालीसा का पाठ सिर्फ एक बार ही करते हैं. लेकिन हनुमान चालीसा का पाठ आपको नियमित रूप से कम से कम 7 बार करना चाहिए. इसके अलावा आप चाहे तो 11 बार, 100 बार या 108 कर सकते हैं. 108 बार नियमित रूप से पाठ करने से हनुमान जी अतिप्रसन्न होते हैं और आपकी मनोकामना को पूर्ण करते हैं. 

रात के समय हनुमान चालीसा का 100 बार पाठ करने से आप हर तरह के पाप से मुक्ति पा लेते हैं.

हनुमान चालीसा का पाठ यदि 108 बार किया जाए तो आपको चमत्कारिक अनुभव होते हैं. यदि आप किसी विकट समस्या में फंस गए हैं, किसी प्रकार की प्रेत-बाधा है तो इन समस्याओं से आप 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करके मुक्ति पा सकते हैं. 

क्या महिलाएं हनुमान चालीसा पढ़ सकती हैं?

आपने कई बार सुना होगा कि महिलाओं को हनुमान जी की पूजा नहीं करनी चाहिए. लेकिन शास्त्रों में ऐसा कोई विधान नहीं है. महिलाएं हनुमान जी की पूजा-आराधना कर सकती है लेकिन उसके कुछ नियम है. रही बात हनुमान चालीसा पढ़ने की तो महिलाएं हनुमान चालीसा पढ़ सकती है. 

हनुमान चालीसा पढ़ने के अलावा महिलाएं हनुमान जी को दीपक लगा सकती हैं, उन्हें प्रसाद के रूप में भोग लगा सकती हैं. लेकिन वे हनुमान जी से संबन्धित लंबे अनुष्ठान नहीं कर सकती हैं. इसके अलावा महिलाओं को बजरंग बाण का पाठ भी नहीं करना चाहिए. 

हनुमान चालीसा पढ़ने के नियम (Hanuman Chalisa ke Niyam) 

हनुमान चालीसा पढ़ने के काफी सारे नियम तो आप जान गए हैं लेकिन हनुमान चालीसा के कुछ खास नियम भी आपको पता होने चाहिए.

1) हनुमान चालीसा का पाठ यदि आप किताब को पढ़कर करते हैं तो धीरे-धीरे और बिना गलती के पढ़ें. किसी भी शब्द को गलत न पढ़ें. हनुमान चालीसा को शांत मन से धीरे-धीरे पढ़ना चाहिए.

2) हनुमान चालीसा का पाठ नहा-धोकर स्वच्छ वस्त्र पहनकर ही करना चाहिए.

3) महिलाएं हनुमान चालीसा का पाठ कर सकती हैं लेकिन उन्हें उपवास नहीं रखना चाहिए.

4) महिलाओं को हनुमान जी को वस्त्र अर्पित नहीं करना चाहिए, इसके अलावा वे उन्हें स्नान भी नहीं करा सकती हैं. 

5) हनुमान चालीसा का पाठ करते वक़्त लाल रंग के कपड़े पहने, गुड़ या बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं. 

6) हनुमान चालीसा का पाठ पूर्व दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए. 

हनुमान चालीसा का पाठ  यदि पूरे विधि-विधान से किया जाये तो हनुमान जी आपकी हर विपत्ति को खत्म कर लेते हैं, आपके दुश्मनों को दूर करते हैं, साथ ही आपकी सभी बाधाओं को भी दूर करते हैं. वे आपकी हर मनोकामना को पूर्ण करते हैं. 

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