हनुमान जी के 7 चमत्कारिक मंदिर, भूत-प्रेत होते हैं दूर!

हनुमान जी के कई चमत्कार आपने सुने होंगे. लेकिन क्या आप हनुमान जी के चमत्कारी मंदिरों (hanuman chamatkari mandir) के बारे में जानते है जहां आस्था आज भी जीवित हैं, जहां आज भी चमत्कार देखे जाते हैं.

श्रीराम भक्त हनुमान जी की पूजा हिन्दू धर्म के हर व्यक्ति के द्वारा की जाती है. शिव के अवतार बजरंग बली अपने भक्तों की हर मनोकामना को पूरा करते हैं, इसके साथ ही वे अपने भक्तों को दुख और संकटों से भी बचाते हैं. हनुमान जी के आगे प्रेत और बाधाएं भी बिलकुल नहीं टिकती हैं.

हनुमानजी के कई चमत्कार आपने सुने होंगे. लेकिन क्या आप हनुमान जी के चमत्कारी मंदिरों (hanuman chamatkari mandir) के बारे में जानते है जहां आस्था आज भी जीवित हैं, जहां आज भी चमत्कार देखे जाते हैं. चलिये जानते हैं ऐसे ही 7 चमत्कारी हनुमान जी के मंदिर के बारे में.

1) मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, राजस्थान (Mehandipur Balaji Temple) 

mehandipur balaji temple

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर हनुमान जी का सबसे माना हुआ और लोकप्रिय मंदिर है. (Famous Hanuman Ji Temple) राजस्थान के करौली जिले में स्थित मेहंदीपुर कस्बे में हनुमान जी का मंदिर है. ये एक चमत्कारिक मंदिर है, यहां का चमत्कार आप तभी समझ पाएंगे जब आप यहां जाएंगे. यहां प्रेत-बाधा से परेशान लोग आते हैं और इनसे मुक्ति पाते हैं. इस मंदिर में आकर भूत-प्रेत सब दूर हो जाते हैं. इसके अलावा हनुमान जी यहां अपने भक्तों की मनोकामना भी पूर्ण करते हैं. 

2) कामखेड़ा बालाजी मंदिर, राजस्थान (Kaamkheda Balaji Temple)  

kaamkheda balaji temple

हनुमान जी का दूसरा सबसे लोकप्रिय और चमत्कारी मंदिर कामखेड़ा बालाजी मंदिर है जो राजस्थान के झालावाड़ जिले के अकलेरा से करीब 15 किमी दूर अकलेरा-मनोहरथाना मार्ग पर है. कामखेड़ा बालाजी मंदिर पर प्रेत-बाधाओं से परेशान लोगों का जमावड़ा लगा रहता है. यहां आते ही सारे भूत-प्रेत दूर होने लगते हैं. यहाँ हनुमानजी का ऐसा चमत्कार है जिसे हर कोई नमन करता है. जो भी यहां सच्चे मन से कोई कोई मनोकामना मांगता है उसकी वो मनोकामना पूरी होती है.

3) बेदी हनुमान, जगन्नाथ पुरी मंदिर (Bedi Hanuman Temple, Puri) 

bedi hanuman mandir puri

जगन्नाथ पुरी भगवान श्रीकृष्ण की रथ यात्रा के लिए फेमस है लेकिन वहीं हनुमान जी का भी एक चमत्कारी मंदिर है जिसे बेदी हनुमान कहा जाता है.  मान्यता है की महाप्रभु जगन्नाथ ने वीर मारुति को यहां समुद्र नियंत्रित करने के लिए नियुक्त किया था, परंतु जब हनुमान जी को जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन नहीं मिले तो वो नगर में प्रवेश कर गए और उनके पीछे-पीछे समुद्र भी प्रवेश कर गया. जिससे परेशान होकर महाप्रभु ने हनुमान जी को यहां स्वर्ण बेढ़ी से आबद्ध कर दिया. यह मंदिर भी मनोकामना पूर्ति के लिए जाना जाता है.

4) हनुमानगढ़ी, उत्तर प्रदेश (Hanumangadi Temple, Uttar Pradesh) 

hanuman garhi

श्रीराम की नगरी अयोध्या में सरयू नदी के दाहिने तट पर एक ऊंचे टीले पर हनुमानगढ़ी मंदिर है. यहां हनुमान जी के 6 इंच लंबी प्रतिमा है. यहां भी लोग अपनी मनोकामना पूर्ण करवाने आते हैं. कई लोगों के कार्य इस मंदिर से सिद्ध होते हैं. 

5) बालाजी मंदिर, सालासर (Salasar Balaji Temple, Rajasthan) 

salasar balaji temple

राजस्थान में ही हनुमान जी का एक और चमत्कारी मंदिर है जिसे सालासर बालाजी कहा जाता है. ये राजस्थान के चुरू जिले के सालसर गांव में है. यहां हनुमान जी की प्रतिमा है जिस पर दाढ़ी व मूंछ है. यहां स्थित हनुमान जी के प्रतिमा एक किसान को जमीन जोतते मिली थी. जिसके बाद सोने के सिंहासन पर सालसर में बालाजी को स्थापित किया गया. 

6) कष्टभंजन हनुमान दादा मंदिर (Kashtbhanjan Hanuman Dada Temple) 

kashtbhanjan hanuman dada temple

कष्टों को हरने वाले हनुमान जी का एक चमत्कारी मंदिर गुजरात के भावनगर जिले के सारंगपुर में भी है. यहां हनुमान जी हनुमान दादा के नाम से पुकारे जाते हैं. यहां हनुमान जी की मूर्ति के चरणों में शनिदेव विराजमान है. ये मंदिर लोगों के कष्ट दूर करता है. लोग यहां हनुमान जी से अपने कष्टों को दूर करने के लिए प्रार्थना करते हैं और हनुमान जी उनके सभी कष्टों को हर लेते हैं. 

7) हनुमान धारा, चित्रकूट (Hanuman Dhara, Chitrakoot) 

hanuman dhara

हनुमान जी का एक ऐसा मंदिर भी है जहां उनकी विशाल मूर्ति के सिर पर दो जल कुंड है. ये मंदिर उत्तर प्रदेश के सीतापुर से 3 मील दूर है. इसे हनुमान धारा कहा जाता है. यहां पर दो जल कुंड है जो हमेशा पानी से भरे रहते हैं. इस जल धारा का जल हनुमान जी को स्पर्श करता हुआ बहता है इसलिए इसे हनुमान धारा कहते हैं. 

हनुमान जी का हर मंदिर चमत्कारी होता है और उसके पीछे कोई न कोई मान्यता होती है. यदि आप हनुमान भक्त हैं तो आपको इन मंदिरों के दर्शन जरूर करना चाहिए. 

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