Shiv Nadar Biography: दोस्तों के साथ मिलकर शुरू की HCL, दुनियाभर में कमाया नाम

शिव नादर वो व्यक्ति है जिसने भारत में कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी HCL की स्थापना की. शिव नादर भारत के कई इंजीनियरिंग ग्रेजुएट के लिए एक रोल मॉडल हैं.

दुनिया में जब भी कंप्यूटर की बात होती है तो लोगों की जुबान पर apple और Microsoft का नाम आता है. ये दोनों ही कंपनी भारत की नहीं है फिर भी भारत के लोग इन कंपनियों के बारे में जानते हैं. लेकिन क्या आप किसी ऐसी भारतीय कंपनी के बारे में जानते हैं जो कंप्यूटर के क्षेत्र में काम करती आ रही हो. ऐसी एक कंपनी HCL है जिसके बारे में आप इस लेख में जानेंगे.

शिव नादर जीवनी | Shiv Nadar Biography Hindi

शिव नादर वो व्यक्ति है जिसने भारत में कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी HCL की स्थापना की. शिव नादर भारत के कई इंजीनियरिंग ग्रेजुएट के लिए एक रोल मॉडल हैं. शिव नादर का जन्म 18 जुलाई 1945 को तमिलनाडु के थूठुकुडी जिले के मुलाईपूजहि गाँव में हुआ था. शिव नादर के पिता शिवसुब्रमण्यम नादर और माता वामसुंदरी देवी थी. शिव नादर ने मदुरै के अमेरिकन कॉलेज में प्री यूनिवर्सिटी की डिग्री प्राप्त की. ग्रेजुएशन के लिए उन्होने कोयंबटूर का पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी चुना जहां से इनहोने इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की.

शिव नादर करियर | Career of Shiv Nadar

शिव नादर ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद साल 1967 में पुणे में ‘कूपर इंजीनियरिंग’ से अपने करियर की शुरआत की. वहाँ नौकरी करने के दौरान वे संतुष्ट नहीं हुए. वो चाहते थे कि वे खुद का बिजनेस शुरू करे. अपने सपने को सच करने के लिए उन्होने साल 1976 में अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक कंपनी बनाई जिसका नाम Microcomp Limited रखा. ये कंपनी उस समय डिजिटल कैल्कुलेटर बेचने का काम करती थी.

एचसीएल कैसे शुरू हुई? | HCL Case Study Hindi

Microcomp limited की सफलता के बाद शिव नादर ने Hindustan Computer Limited नाम की कंपनी बनाई. इसी कंपनी को हम आज एचसीएल के नाम से जानते हैं. इस कंपनी ने साल 1982 में पहला पर्सनल कंप्यूटर उतारा. उस समय तक भारत में विदेशी कंपनियों के कंप्यूटर ही उपयोग किए जाते थे और भारत में उस समय तक आईबीएम का वर्चस्व था. साल 1977 में आईबीएम ने भारत में कंप्यूटर बेचना बंद कर दिया जिसका फायदा शिव नादर ने उठाया. शिव नादर जो प्रॉडक्ट लेकर आए उसने लोगों का दिल जीत लिया और विदेश में भी अपनी कंपनी का परचम लहराया.

एचसीएल को साल 1976 में 1,87,000 रुपये के निवेश के साथ शुरू किया गया था. उस समय आईबीएम के भारत से जाने की वजह से आईटी सेक्टर में खालीपन था जिसे एचसीएल ने भर दिया. कंपनी शुरू करने के बाद इन्टरनेशनल मार्केट में भी कदम रखा और वे काफी सफल हुए. साल 1980 में आईटी हार्डवेयर बेचने के लिए एचसीएल ने सिंगापुर में अपनी कंपनी के स्थापना की. इसके बाद 1989 में वे अमेरिकी कंप्यूटर मार्केट में गए लेकिन वे वहाँ असफल हो गए.

शिव नादर की अन्य कंपनियाँ | Shiv Nadar Company List

शिव नादर की कई और भी कंपनियाँ हैं जो काफी फेमस है और अच्छा मुनाफा कमा रही हैं.

HCL Technology (Global IT Service Company)
HCL Comnet (Network services company)
HCL info systems (Indian IT Hardware Leader)
HCL Perot (IT Applications)
NIIT (Education Institute)

शिव नादर सामाजिक कार्य | Social Work of Shiv Nadar

शिव नादर जहां टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में खूब नाम कमाया है वहीं सामाजिक कार्य करने में भी वे पीछे नहीं हटते है. उन्होने लोगों की सेवा के लिए शिव नादर फ़ाउंडेशन (Shiv Nadar Foundation) की स्थापना की जिसके जरिये वे भारतीय शिक्षा में सुधार के लिए कार्य कर रहे हैं. एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए उन्होने चेन्नई में SSN College of Engineering की स्थापना की. इसके अलावा यूपी के ग्रेटर नोएडा मे शिव नादर यूनिवर्सिटी की स्थापना की जहां प्रोफेशनल कोर्स कराये जाते हैं.

शिव नादर को कौन से पुरस्कार मिले? | Honors and Awards for Shiv Nadar

शिव नादर को कई सारे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

– साल 1995 मेन उन्हें Data Quest ने IT Man of the year चुना था.
– साल 2005 में देश के प्रधानमंत्री ने उन्हें CNBC Business Excellence award से सम्मानित किया था.
– साल 2006 में शिव नादर को AIMA ने मानद फैलोशिप से सम्मानित किया था.
– साल 2007 में Madras University ने उन्हें Doctorate की उपाधि दी थी.
– साल 2007 में उन्हें Entrepreneur of the year चुना गया.
– साल 2008 में उन्हें पद्म भूषण से नवाजा गया.

शिव नादर आईटी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के लिए एक रोल मॉडल है क्योंकि वे खुद एक इंजीनियर थे और उन्होने भारत में ऐसी कंपनी शुरू की जो दुनियाभर में पहचानी जाती है. हालांकि साल 2020 में शिव नादर ने कंपनी से रिटायरमेंट ले लिया है और अब इस कंपनी को उनकी बेटी रोशनी नादर संभाल रही हैं.

यह भी पढ़ें :

Laxmi Mittal Biography: चुरू का लड़का कैसे बना दुनिया में स्टील किंग?

HDFC Case Study: कंपनी के गोडाउन से शुरू हुआ HDFC, कैसे बना देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक?

Dhirubhai Ambani Biography : 10वी पास लड़का कैसे बना देश का सबसे अमीर आदमी?

error: Content is protected !!