Tennis Rules : टेनिस कैसे खेलते हैं, नियम की जानकारी

टेनिस (Tennis) का खेल आपने कभी न कभी टीवी या फिर फिल्मों में देखा होगा. आपके मन में भी इसे खेलने की इच्छा जागृत हुई होगी. इसे खेलना आसान है लेकिन इसके लिए आपको टेनिस के नियमों (Tennis rules) की जानकारी होना चाहिए. टेनिस कैसे खेलते हैं (How to play tennis?) और इसके क्या नियम होते हैं अगर आपने ये सब जान लिया तो आप टेनिस खेलना शुरू कर सकते हैं.

टेनिस (Tennis) का खेल आपने कभी न कभी टीवी या फिर फिल्मों में देखा होगा. आपके मन में भी इसे खेलने की इच्छा जागृत हुई होगी. इसे खेलना आसान है लेकिन इसके लिए आपको टेनिस के नियमों (Tennis rules) की जानकारी होना चाहिए. टेनिस कैसे खेलते हैं (How to play tennis?) और इसके क्या नियम होते हैं अगर आपने ये सब जान लिया तो आप टेनिस खेलना शुरू कर सकते हैं.

टेनिस क्या है? (What is tennis?)

टेनिस (Tennis) एक खेल है. भारत की सानिया मिर्जा ने इस खेल में भारत का नाम रोशन किया है. टेनिस में दो जाली वाले बैट होते हैं जिन्हें रैकेट कहा जाता है. इसके अलावा एक टेनिस बॉल होती है जो रबर की बनी होती है और अंदर से खोखली होती है. इस बॉल को दोनों खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में रहकर मारना होता है और दूसरे खिलाड़ी के क्षेत्र में पहुंचाना होता है.

इसमें एक वर्गाकार कोर्ट होता है. इस कोर्ट के बीचों-बीच में एक नेट बंधी होती है जिससे टेनिस के मैदान को दो भागों में बाटा जाता है. इस नेट के दोनों तरफ खिलाड़ी होते हैं. एक खिलाड़ी को गेंद को इस तरफ से उस रैकेट की मदद से पहुंचाना होता है. अगर कोई खिलाड़ी दूसरी ओर से इसका जवाब देने में चूक जाता है तो पहला हिट करने वाले को पॉइंट मिलता है.

टेनिस का मैदान, रैकेट तथा बॉल की जानकारी (Tennis court and racket)

टेनिस का मैदान 78 फीट लंबा और 27 फीट चौड़ा होता है. इसमें सेंटर मार्क, बेस लाइन, सर्विस लाइन, सेंटर सर्विस लाइन और सिंगल साइड लाइन आदि सफ़ेद रंगों से खींची होती है. इसमें बेस लाइन और सर्विस लाइन कोर्ट की चौड़ाई को निरूपित करते हैं. डबल साइड लाइन इसकी लंबाई को निरूपित करती है. इसके अलावा सेंटर सर्विस लाइन किसी नेट को दो भागों में बांटती है.

टेनिस में उपयोग किया जाने वाला रैकेट में जो जाली होती है वो सिंथेटिक धागे की बनी होती है. इसी से गेंद को हिट किया जाता है. ये भाग अंडाकार होता है.

टेनिस में स्कोर के नियम (Tennis score rules)

टेनिस में खेलने पर पॉइंट्स दिये जाते हैं और ये पॉइंट्स दो तरह के होते हैं.

1) सेट पॉइंट
2) मैच पॉइंट

इस खेल में 15 सेट पॉइंट होने पर 1 मैच पॉइंट होता है. इसी तरह जब 30 सेट पॉइंट हो जाते हैं तो दो मैच पॉइंट और 40 सेट पॉइंट होने पर तीन मैच पॉइंट हो जाते हैं. खेल जीतने के लिए विरोधी खिलाड़ी से एक निश्चित पॉइंट के सेट जीतने होते हैं. मान लीजिये अगर किसी खिलाड़ी ने 5 सेट पॉइंट बना लिए तो आपको 7 मैच पॉइंट बनाने होंगे.

टेनिस के नियम (Tennis rules)

– टेनिस के शुरू होने से पहले दोनों तरफ के खिलाड़ियों के बीच एक टॉस होता है. ठीक उसी तरह जिस तरह क्रिकेट में होता है. इस टॉस से ये तय होता है की कौन सा खिलाड़ी सर्विस करेगा और वो सर्विस करने वाला खिलाड़ी कोर्ट के किस तरफ रहेगा.

– अब मान लीजिये की जो खिलाड़ी पहली सर्विस कर रहा है वो सर्विस देने में असफल हो जाता है तो उसे सर्व करने का दूसरा मौका मिलता है. अगर दूसरी बार भी असफल हो जाता है तो उसे फ़ाल्ट का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा सर्व करने पर यदि गेंद सर्विस कोर्ट में ही रह जाए तो बिना किसी पेनल्टी के उसे सर्व करने का एक और मौका मिल जाता है

– टेनिस खेल के नियम के अनुसार रिसीवर अपने कोर्ट में गेंद को रिसीव करने के लिए कहीं भी खड़ा हो सकता है. अगर गेंद को बाउन्स करके दोनों खिलाड़ी मारते हैं तभी पॉइंट मिलते हैं. अगर किसी खिलाड़ी की तरफ से गेंद जमीन पर चली जाती है तो उसके पॉइंट नहीं मिलते. सर्विस शुरू करने के बाद दोनों के मध्य अनगिनत शॉट हो सकते हैं.

– अगर किसी गेम में दोनों खिलाड़ियों का स्कोर 40-40 हो जाता है तो इस स्थिति को ड्यूस (Dues condition in tennis) कहा जाता है. ड्यूस जीतने के लिए किसी एक खिलाड़ी को दो पॉइंट और बनाने होते हैं.

– किसी सेट को जीतने के लिए खिलाड़ी को 6 गेम या फिर 2 या 2 से अधिक बढ़त के साथ जीतनी होती है. किसी तरह यदि ओपनिंग सेट में परिस्थिति 6-6 की हो जाती है तो इसे टाई ब्रेक (tie break rule in tennis) कहा जाता है और खिलाड़ियों को सातवे खेल के लिए खेलना होता है. इसके बाद खिलाड़ियों को बिना किसी टाई ब्रेक के खेलना होता है.

– इस खेल में खेल के दौरान यदि कोई खिलाड़ी नेट को हाथ लगाता है या अपने विरोधी को परेशान करता है या उसका ध्यान खेल से हटाना चाहता है तो ऐसा करने से खिलाड़ी खुद ब खुद पॉइंट हारता है. लाइन के अंदर किसी भी जगह पर गेंद गिरने पर उसे बॉल इन और लाइन के बाहर गिरने पर बॉल आउट कहा जाता है.

– गेंद को कोर्ट के सही भाग में न वापिस करने पर खिलाड़ी पॉइंट्स हारता है. इसके अलावा गेंद नेट पर हिट करने से विरोधी खिलाड़ी के कोर्ट मे न पहुंचा पाने की स्थिति में या आपने कोर्ट में गेंद के दो बार टप्पा खाने से पहले नहीं मारने वाला खिलाड़ी पॉइंट हारता है.

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