क्यों होता है थॉयराइड? कैसे पहचाने thyroid के लक्षणों को

हमारे गले के सामने वाले भाग में तितली के आकर की एक ग्रंथि पाई जाती है. स्वर यंत्र के नीचे पाई जाने वाली इस हार्मोन ग्रंथि को थायरॉइड ग्रंथि कहा जाता है. तीस ग्राम वजन वाली यह ग्रंथि दो भागों में विभाजित होती है. इस ग्रंथि का काम मेटाबॉलिज्म नियंत्रित करना होता है.

0 473

हमारे गले के सामने वाले भाग में तितली के आकर की एक ग्रंथि पाई जाती है. स्वर यंत्र के नीचे पाई जाने वाली इस हार्मोन ग्रंथि को थायरॉइड ग्रंथि कहा जाता है. तीस ग्राम वजन वाली यह ग्रंथि दो भागों में विभाजित होती है. इस ग्रंथि का काम मेटाबॉलिज्म नियंत्रित करना होता है. जब यह ग्रंथि सामान्‍य रूप से अपना काम करना बंद कर देती है, तो इसमें थायरॉइड हार्मोन बनना कम या ज्‍यादा हो जाता है. इसी कारण लोग थायरॉइड से ग्रस्त हो जाते हैं.

Thyroid hormone का स्तर बिगड़ने से होती हैं बीमारियां 

सम्बंधित लेख - पढ़िए

थायरॉइड हार्मोन का स्तर बिगड़ने यानि कि थायरॉइड हार्मोन घटने या बढ़ने से शरीर में कई प्रकार के बदलाव आते हैं. थायरॉइड हार्मोन की कमी से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है. इस कारण अच्छा कोलेस्ट्रॉल का स्तर घटने लगता है. वहीं थायरॉइड हार्मोन की अधिकता से दस्त और कम होने से कब्ज़ हो सकती है. क्योंकि ये हार्मोन मेटाबोलिज़म को नियंत्रण में रखता है.

क्या काम करता है Thyroid hormone

थायरॉइड हार्मोन शरीर में कई प्रकार के काम करते हैं. डाइजेशन सिस्टम को सही रखने के लिए थायरॉइड हार्मोन पेट में पाचक रस के बनने की गति को बढ़ाते हैं. इसके साथ ही थायरॉइड हार्मोन शरीर में ऊतकों के बढ़ने में भी मदद करते हैं. शरीर का टेम्परेचर बनाए रखने के लिए ऊर्जा पैदा करने का कार्य भी थायरॉइड हार्मोन करते हैं. इसके अलावा बेकार हो चुके कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकलने में भी लीवर के लिए सहायक सिद्ध होते हैं. 

जाने थायरॉइड होने के कारण 

हमारे शरीर के लिए आयोडीन बेहद जरूरी तत्व है और 80 प्रतिशत आयोडीन, थायरॉइड में पाया जाता है. आयोडीन की कमी होने से थायरॉइड ग्रंथि सूज जाती है. जिसे घेंघा (गॉयटर) कहते हैं. बच्चों में आयोडीन की कमी से हार्मोन का निर्माण धीमा पड़ जाता है. इससे उनके शारीरिक, मानसिक और जननांगों का ठीक से विकास नहीं हो पाता. इस बीमारी को क्रीटीनिज़्म कहते हैं. 

चिकित्सीय कारणों से भी हो सकता है Thyroid hormone

दवाओं के साइड इफेक्ट से भी कई बार थायरॉइड की समस्या आ जाती है. इसके अलावा यदि आप सोया उत्पादों का कैप्सूल और पाउडर के रूप अत्याधिक रूप से सेवन करते हैं, तो थायरॉइड होने के आसार बढ़ जाते हैं. रेडिएशन थेरेपी से स्किन ट्रीटमेंट करवाने के कारण भी टॉन्सिल्स या फिर थाइमस ग्रंथि में समस्या आ सकती है और यह थायरॉइड का कारण हो सकता है. महिलाओं के शरीर में मेनोपॉज के दौरान आने वाले हॉर्मोनल परिवर्तन भी थायरॉइड का कारण हो सकते हैं. अत्याधिक रूप से तनाव लेना भी आपको थायरॉइड का शिकार बना सकता है. कई बार यह बीमारी वंशानुगत भी हो सकती है. 

क्या हैं Thyroid के लक्षण

शरीर में Thyroid hormone का स्तर बिगड़ने से पूरी नींद लेने के बाद भी दिन भर शरीर में थकान रहनाथायरॉइड के कारण आपको टेंशन रहेगी साथ ही आप डिप्रेशन का भी शिकार हो सकते हैं. भूख बढ़ने के बाद भी वजन कम होता जाएगा और कब्ज़ की शिकायत रहने लगेगी.

महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता, हाथ-पैरों में दर्द और सुन्न रहना व हाई ब्लडप्रेशर की शिकायत भी इसका एक लक्षण है. किसी भी मौसम में अत्याधिक ठंड या गर्मी लगना. थायरॉइड में सूजन के कारण आवाज़ में बदल जाना व सिर, आईब्रो सहित अन्य हिस्सों के बाल झड़ना. 

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकतासतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.)