आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बनें, बीएएमएस कोर्स की जानकारी?

भारत में प्राचीनकाल से ही कई जटिलतम रोगों का इलाज आयुर्वेद (Ayurveda) की मदद से किया जाता रहा है. हमारे देश में कई महान आयुर्वेदचार्य हुए हैं जैसे महर्षि चरक, सुश्रुत आदि. इनके द्वारा महान आयुर्वेद के ग्रंथ लिखे गए हैं जिनसे आज भी कई रोगों का इलाज जड़ी-बूटियों के माध्यम से किया जाता है. आज भारत ही नहीं दुनियाभर में आयुर्वेद इलाज को उत्तम माना जाता है. आप भी आयुर्वेद की सहायता से लोगों का इलाज कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको आयुर्वेदिक डॉक्टर बनना पड़ेगा.

भारत में प्राचीनकाल से ही कई जटिलतम रोगों का इलाज आयुर्वेद (Ayurveda) की मदद से किया जाता रहा है. हमारे देश में कई महान आयुर्वेदचार्य हुए हैं जैसे महर्षि चरक, सुश्रुत आदि. इनके द्वारा महान आयुर्वेद के ग्रंथ लिखे गए हैं जिनसे आज भी कई रोगों का इलाज जड़ी-बूटियों के माध्यम से किया जाता है. आज भारत ही नहीं दुनियाभर में आयुर्वेद इलाज को उत्तम माना जाता है. आप भी आयुर्वेद की सहायता से लोगों का इलाज कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको आयुर्वेदिक डॉक्टर बनना पड़ेगा.

आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बनें? (How to become ayurvedic doctor?)

आयुर्वेदिक डॉक्टर (Ayurvedic doctor) बनने के लिए दूसरे डॉक्टर की तरह ही स्कूल पास करने के बाद आपको कॉलेज से कोर्स करना होता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए सबसे पहले तो आपको 11वी और 12वी भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान के साथ उत्तीर्ण करनी होती है. 12 वी में आपके अंक कम से कम 50 प्रतिशत होने चाहिए.

आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए कोर्स (Course for ayurvedic doctor?)

आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए आपको बीएएमएस (BAMS) कोर्स करना होता है जिसका पूरा नाम बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (Bachelor of ayurvedic medicine and surgery) है. ये पूरे 5 साल 6 महीने का कोर्स होता है. इस कोर्स को Central Council of Indian Medicine के द्वारा मान्यता दी गई है. इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपको NEET यानि नेशनल एलिजीबिलिटी कम इण्ट्रेंस टेस्ट (National eligibility cum entrance test) में भाग लेना पड़ता है. इसके बाद आपकी काउन्सलिंग होती है जो आपके नीट के स्कोर कार्ड के आधार पर आपको कॉलेज में सिलेक्शन दिलाती है.

बीएएमएस की फीस (BAMS Fees)

बीएएमएस की फीस एमबीबीएस से कम होती है लेकिन अगर आप प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लेते हैं तो आपको ज्यादा ही फीस देनी होती है. सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज की फीस 50 से 70 हजार तक हो सकती है यानि पूरे कोर्स की फीस 3 लाख रुपये तक हो सकती है. वहीं सरकारी कॉलेज की पूरे कोर्स की फीस 1.5 लाख से 3 लाख तक हो सकती है.

बीएएमएस में करियर (Career in BAMS)

बीएएमएस में करियर के काफी स्कोप है. आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज का बोलबाला आजकल भारत ही नहीं पूरी दुनिया में है. इस कोर्स को करने के बाद आप चाहे तो खुद के दम पर कुछ कर सकते हैं या फिर कहीं जॉब कर सकते हैं.

– आप एक अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर बनकर जड़ी-बूटियों के माध्यम से भारत में या कहीं और क्लीनिक खोल कर इलाज कर सकते हैं,
– आप किसी ऐसी रिसर्च फर्म को जॉइन कर सकते हैं जो जड़ी-बूटियों पर रिसर्च करती हो. या जो जड़ी-बूटियों से दवाइयाँ बनती हो.
– शुरुवात में किसी क्लीनिक में जूनियर डॉक्टर बन सकते हैं.

आयुर्वेदिक डॉक्टर की कमाई? (Income and salary of ayurvedic doctor?)

आयुर्वेदिक डॉक्टर एक महीने में कम से कम 30 हजार रुपये कमा सकता है इससे ज्यादा वो अपने अनुभव और समझ के आधार पर कमा सकता है. आप अगर खुद का क्लीनिक ही खोल लेते हैं और जटिल बीमारियों का आयुर्वेद से इलाज करते हैं तो ही आप 30 से 50 हजार रुपये महीना कमा सकते हैं.

बीएएमएस करने वाला डॉक्टर एमबीबीएस करने वाले डॉक्टर के बराबर का ही होता है. कई लोगों का मानना होता है की जो एलोपेथी डॉक्टर होते हैं वो अच्छा इलाज करते हैं और आयुर्वेदिक से कुछ नहीं होता. दरअसल आयुर्वेद पद्धति हमेशा बीमारी को जड़ से मिटाने का कार्य करती है इसलिए इसके इलाज में देरी लगती है और एकदम से आपको असर मालूम नहीं होता है.

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