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समाज और संस्‍कृति

लड़कियों को चुननी होगी संघर्ष की अलग राह

बदलाव के बाद भी समाज में सफल लड़कियों और महिलाओं की संख्या गिनी-चुनी है. अन्य महिलाएं इनके जैसा बनना या करना चाहती है, किन्तु बन नहीं पाती क्योंकि राह संघर्षपूर्ण है. संघर्ष के लिए जिजीविषा चाहिए, दृढ़ इच्छा शक्ति, अदम्य साहस व हौंसला…

घर से बाहर कितनी सुरक्षित हैं वर्किंग वुुमन और लड़कियां?

जॉब और करियर की तलाश में लड़कियां जहां अकेले रहने को मजबूर हुई है वहीं घरों में काम करने वाली महिलाओं संख्या भी बढ़ी है. लेकिन इस संख्या के बढ़ने के साथ लड़कियों और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के मामले भी बढ़ रहे हैं. घर की …

कहानी साड़ी की: फैशन बिगड़कर बदल गए लेकिन नहीं बदला भारतीय परिधान..!

भारत में परिधान के रूप में साड़ियों का प्रचलन कितना पुराना है इसके बारे में कोई भी ठीक-ठीक जानकारी नहीं है. लेकिन हजारों फैशन बदलने के बाद आज भी साड़ियां ज्यों की त्यों बनी हुई है. करोड़ों महिलाएं आज भी साड़ी पहनती हैं और इसमें कोई दो राय…

क्यों हो रहा समाज का नैतिक पतन? कैसी है नई पीढ़ी?

नैतिक मूल्यों का अचानक गिरना 20वीं शताब्दी से ही शुरू हुआ? आपके जमाने से या आपके किसी बुजुर्ग रिश्तेदार या दोस्त के जमाने से? बल्कि यह कृत्य होना तो एक सदी पहले ही हो चुका था. सन् 1914 में जब पहला विश्वयुद्ध हुआ, तब से नैतिक मूल्यों का…

भारतीय संस्कृति में क्यों आस्था के केंद्र हैं मंदिर

तीर्थ स्थलों की महत्त्वपूर्ण भूमिका को जानना जरूरी है. देश की एकता, अखंडता और समृद्धि में तीर्थस्थलों की सकारात्मक भूमिका रही है. देश की सभ्यता एवं संस्कृति का संरक्षण तीर्थ स्थल करते आए हैं. यही वजह है कि विदेशी आक्रमणकारियों ने सर्वप्रथम…

Right to Education Act ने कितनी बदली भारत में शिक्षा?

9 साल पहले यानी 4 अगस्त 2009 को शिक्षा के अधिकार कानून यानी की राइट टू एजुकेशन एक्ट संसद में पास हुआ. यह बीते दशकों में इंडिया की बड़ी उपलब्धि थी. लेकिन खामियों और इसके क्रियान्वयन में सरकारों की उदासीनता से इसके अपेक्षित परिणाम नहीं मिले…

थाली में खाना मत छोड़िए, दुनिया भूखी है और हिंदुस्तान कुपोषण पर शर्मिंदा..!

विश्व की 47 प्रतिशत आबादी केवल भारत, चीन, अमेरिका, ब्राजील और इंडोनेशिया में बसती है. सवाल यह है कि टेक्नॉलॉजी के बूते पूरी दुनिया में चल रही विकास की बयार में आज भी विश्व में महिलाओं, बूढ़ों बच्चों की ऐसी दुनिया है जो भूखी है, कुपोषण का…

मैरिड लाइफ में जरूरी है भावनाओं की कद्र, पति-पत्नी ऐसे करें सपोर्ट

शादी के बाद हर दंपती की चाहत होती है कि खुश रहें और सफल रहें. मैरिड लाइफ में इस इच्छा को पूरा करने के लिए दोनों में कुछ त्याग की भावना का होना, एक दूसरे के इमोशंस को समझना जरूरी होता है. यदि एक दूसरे की भावनाओं को समझ कर सम्मान किया जाए…

महिला साक्षरता में छिपी है देश के विकास की कहानी, लेकिन क्यों निरक्षर रह गई स्त्री?

हमारे देश में महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा आज भी निरक्षर है और इस कारण विकास योजनाओं से अपने को लाभान्वित करने में असमर्थ हैं. इस दुर्दशा को दूर करने के लिए महिला साक्षरता की योजनाएं कई सरकारी गैर सरकारी संस्थाओं के तत्वावधान में चल रही हैं पर…

होमवर्क का कहा तो बेटे ने मां और बहन के पेट में घोंप दी कैंची, आखिर कहां जा रहा है समाज?

दिल्ली से सटे नोएडा में मां के डांटने पर गुस्साए बेटे ने ना केवल मां की हत्या कर दी बल्कि अपनी बहन को भी पिज्जा कर्टर से मौत के घाट उतार दिया. इस घटना ने पूरी दिल्ली को हिला दिया. ये एक नहीं ऐसी कई घटनाएं हमारे आसपास मौजूद हैं, सवाल यह है…
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