क्यों बनती है पेट में गैस? लाइफ स्टाइल बदलकर करें एसीडीटी का इलाज

खराब लाइफ स्टाइल और खानपान के कारण देश की एक बड़ी आबादी उसमें भी यूथ कई तरह की बीमारियों के शिकार हैं. इनमें भी एक बड़ा तबका यानी की करीब एक चौथाई लोग एसीडीटी और पेट में गैस बनने की प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं.

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खराब लाइफ स्टाइल और खानपान के कारण देश की एक बड़ी आबादी उसमें भी यूथ कई तरह की बीमारियों के शिकार हैं. इनमें भी एक बड़ा तबका यानी की करीब एक चौथाई लोग एसीडीटी और पेट में गैस बनने की प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं.

वैसे तो गैस थोड़ी मात्रा में हर किसी के पेट में हरदम रहती है. लेकिन गैस के मरीजों के पेट में ज्यादा रहती है. गैस के मरीजों को यह समस्या भरे और खाली पेट दोनों में बनी रहती है.

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क्यों होती है गैस की बीमारी

खान-पान में अनियमितता, गंदा, गरिष्ठ व ज्यादा मिर्च मसालेदार खाने से यह गैस की प्रॉब्लम पैदा होती है. इसके अलावा स्टार्च या शराब के अधिक सेवन से भी गैस हो सकती है. वहीं एसिडिटी बढ़ने, अल्सर अथवा डायरिया होने पर भी पेट में गैस बनने लगती है.

ठीक से भोजन नहीं चबाने और भोजन करते समय अत्यधिक पानी पीने वालों को गैस की समस्या पैदा होने के सर्वाधिक आसार रहते हैं. वहीं अधपका भोजन करने के साथ ही कार्बोनेटेड पदार्थों का अधिक सेवन भी इसका एक कारण है. चाय व कॉफी का अधिक सेवन, तले-भुने, अधिक तेज नमक मसाले युक्त पदार्थ खाना भी गैस बनाता है.

शररीर में गैस के लक्ष्ण

गैस से त्रस्त व्यक्ति को खट्टी डकारें आ सकती हैं. कभी-कभी खाली पेट से भी गैस बढ़ने लगती है और पेट फूलने लगता है. गैस के मरीज को पेट में चुभन, दर्द या जलन का अहसास भी हो सकता है. मुंह में खट्टा-नमकीन सा पानी आना गैस बढ़ने के लक्षण हैं.

इन कारणों से बनती है गैस

गैस की बीमारी का कोई स्थाई उपचार नहीं है. गैस की जो भी दवाएं हैं वो सभी अस्थाई समाधान हैं. उचित खान-पान व परहेज ही गैस से आपको छुटकारा दिला सकता है. गैस के मरीजों को वज्रासन और शलभासन करना चाहिए. कच्चा प्याज, फूलगोभी, मटर, उबले चने के अलावा बाजार के चाट-पकौड़े, भुट्टे व ढाबों के भोजन से बचें.

पेट में गैस बनने के घरेलू उपाय  (home remedies for acidity and gas problem)

हींग तवे पर भून कर गुनगुने पानी के साथ लें. पुदीने के पत्तों का ताजा रस एक चम्मच निकालकर मामूली से काले नमक के साथ आधा कप पानी में मिलाकर पिएं. लहसुन के एक दो दाने घी में तलकर चबाएं. मूली के ताजे पत्ते का रस पानी में मिलाकर पिएं.

अजवायन को तवे पर हल्का सा भून कर पीस लें, इसमें मामूली सा नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लें. साबुत हल्दी आंच पर भूनकर नमक के साथ पीसकर आधा चम्मच हल्दी पानी के साथ लेने से भी गैस पर काबू पाया जा सकता है.

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकतासतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.)