Gemology में करियर कैसे बनाएं, कौन सा कोर्स करें?

जेमोलॉजी (Gemology) को हिन्दी में रत्नशास्त्र कहा जाता है और इसमें करियर बनाने के लिए आपका रत्नों में इंटरेस्ट होना काफी जरूरी है.

दुनिया में कई लोग ऐसे होते हैं जिनकी रुचि डायमंड और उस जैसे अन्य रत्नों में काफी होती है. अगर आपकी रुचि भी इसी तरह की चीजों में है तो आप इसमें अपना करियर बना सकते हैं. इस करियर ऑप्शन को जेमोलॉजी कहा जाता है और इसमें आप कई तरह के कोर्स जैसे सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन आदि कर सकते हैं.

जेमोलॉजी में करियर कैसे बनाएं? (How to make career in Gemology?)

जेमोलॉजी को हिन्दी में रत्नशास्त्र कहा जाता है और इसमें करियर बनाने के लिए आपका रत्नों में इंटरेस्ट होना काफी जरूरी है. अगर आपका इंटरेस्ट नहीं है तो आप इस कोर्स करके सिर्फ बोर ही होने वाले हैं. इसमें करियर बनाने के लिए आपको कम से कम 12वी पास करना जरूरी है. 12वी करने के बाद आप जेमोलॉजी में कोई भी सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री कोर्स कर सकते हैं.

जेमोलॉजी के प्रमुख कोर्स (Gemology Course in India)

जेमोलॉजी में सर्टिफिकेट कोर्स (Gemology Certificate Course)

सर्टिफिकेट कोर्स इन हार्ड शेप ग्रूविंग
सर्टिफिकेट कोर्स इन इन्टरनेशनल सिस्टम ऑफ डायमंड ग्रेडिंग
ग्रेडिंग, कटिंग, पॉलिशिंग, ब्रूइंग सर्टिफिकेट कोर्स
सर्टिफिकेट कोर्स इन कलर्ड जेमस्टोन कटिंग एंड पॉलिशिंग
ज्वेलरी डिज़ाइन एंड मशीन कास्ट ज्वेलरी कोर्स

जेमोलॉजी में डिप्लोमा कोर्स (Gemology Diploma Course in India)

डायमंड ट्रेड मैनेजमेंट डिप्लोमा
जेमोलॉजी डिप्लोमा
डायमंड प्रोसेसिंग डिप्लोमा

जेमोलॉजी में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन (Gemology Degree course in India)

बैचलर इन ज्वेलरी डिज़ाइनिंग एंड फाइन आर्ट्स
पोस्ट ग्रेजुएशन इन डायमंड टेकनोलॉजी
पोस्ट ग्रेजुएशन इन ज्वेलरी डिज़ाइनिंग एंड फाइन आर्ट्स

जेमोलॉजिस्ट के प्रकार (Types of Gemologist)

डायमंड ग्रेडर (Diamond Grader) : ये हीरों और रत्नों की गुणवत्ता का मूल्यांकन करते हैं और रत्नों को गढ़ते हैं. इनका काम हीरों में राइट एंगल की जांच करना और कट्स की स्थिति को जाँचना होता है.

आभूषण डिज़ाइनर (Jewellery Designer) : इनका काम क्रिएटिव होता है. इन्हें विभिन्न रत्नों एवं धातुओं से कान, गार्डन, हाथ-पैर के लिए एवं हाथ पैर की उँगलियों के आभूषण डिज़ाइन करना और बनाना होता है.

मणि पॉलिशर्स (Stone Polishers) : इनका काम धारकों, चक, डॉप्स, लैपिडरी स्टिक्स में रत्नों या हीरों को सुरक्षित करना, काटना, चमकाना, पीसना, ड्रिलिंग करना या आकार देना होता है.

रत्न नीलामी प्रबन्धक (Gemstone Auction Manager) : इनका काम रत्न की नीलामी की सम्पूर्ण प्रक्रिया की देखभाल करना होता है. ये काफी ज़िम्मेदारी वाली काम है.

स्टोन सेटर (Stone Setter) : इनका काम कीमती और सजावटी पत्थरों जैसे मोती, स्फटिक, रंगीन ग्लास को धातु या प्लास्टिक के आभूषणों में सेट करना होता है.

जेमोलॉजिस्ट को कहाँ नौकरी मिलती है? (Job for Gemologist)

आजकल आभूषण की बिक्री काफी बढ़ गई है जिसके चलते इस क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्तियों की डिमांड भी बढ़ गई है. पहले आमतौर पर जो लोग पहले से इस पेशे में थे वही काम किया करते थे लेकिन अब प्रशिक्षण के जरिये आप भी अपना करियर बनाकर अच्छे-खासे पैसे इस क्षेत्र में कमा सकते हैं. इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर विभिन्न जगहों पर मिल सकते हैं.

ज्वेलरी बिजनेस मैनेजमेंट
जेम टेस्टिंग लेब
खुदरा आभूषण व्यवसाय
आभूषण निर्माण
खनन उद्योग
उत्पाद विकास विभाग
आभूषण की दुकान और शोरूम
उद्योग विनिर्माण सिंथेटिक या कृत्रिम रत्न

एक जेमोलॉजिस्ट बनने के लिए आपको बहुत मेहनत और धैर्य की जरूरत होती है. ये कोई ऐसा काम नहीं है जो बिना मेहनत के बहुत आसानी से हो जाए. इसमें अपना करियर बनाने के लिए आपको पहले अपनी विशेषज्ञता को पहचानना होगा. इसमें काम करने के लिए आपकी आँखों की नजर भी अच्छी होनी चाहिए क्योंकि ये पूरा काम आँखों से ही होता है. इसमें आपको ये जरूरी नहीं की सिर्फ 8 या 10 घंटे ही काम करना है. हो सकता है की आपको बहुत ज्यादा घंटों तक काम करना पड़े.

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