Makar Sankranti : मकर संक्रांति पर क्या दान करें, मकर संक्रांति के उपाय?

हिन्दू धर्म में मकर संक्रांति (Makar sankranti) को एक प्रमुख त्योहार के रूप में मनाया जाता है. वैसे इसका सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि खगोलीय महत्व भी होता है. इस दिन आपमें से कई लोगों ने सिर्फ तिल और गुड़ के लड्डू खाये होंगे और पतंग उड़ाई होगी. लेकिन इस दिन आपको दान-पुण्य भी करना चाहिए. इससे आपको काफी लाभ होता है. अगर आप मकर संक्रांति मनाने वाले हैं तो मकर संक्रांति क्या है? मकर संक्रांति का क्या महत्व है? मकर संक्रांति के उपाय? मकर संक्रांति पर राशि के अनुसार क्या दान करें? ये सभी बाते आपको पता होना चाहिए.

हिन्दू धर्म में मकर संक्रांति (Makar sankranti) को एक प्रमुख त्योहार के रूप में मनाया जाता है. वैसे इसका सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि खगोलीय महत्व भी होता है. इस दिन आपमें से कई लोगों ने सिर्फ तिल और गुड़ के लड्डू खाये होंगे और पतंग उड़ाई होगी. लेकिन इस दिन आपको दान-पुण्य भी करना चाहिए. इससे आपको काफी लाभ होता है. अगर आप मकर संक्रांति मनाने वाले हैं तो मकर संक्रांति क्या है? मकर संक्रांति का क्या महत्व है? मकर संक्रांति के उपाय? मकर संक्रांति पर राशि के अनुसार क्या दान करें? ये सभी बाते आपको पता होना चाहिए.

मकर संक्रांति क्या है? (Makar sankranti 2020)

मकर संक्रांति एक तरह की खगोलीय घटना है जिसमें सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में जाता है. एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति तक के समय को सौर मास कहते हैं. सूर्य की 12 संक्रांति है लेकिन इसमें 4 संक्रांति महत्वपूर्ण हैं जो मेष, कर्क, तुला, मकर हैं. इस दिन शुभ मुहूर्त में स्नान और दान जरूर करना चाहिए.

मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू क्यों बनाए जाते हैं? (Makar sankranti story)

मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू बनाने के पीछे एक पौराणिक कथा है जिसके अनुसार शनि को उनके पिता सूर्य देव पसंद नहीं करते थे. इस कारण से सूर्य देव ने शनि और उनकी माँ छाया को अपने से अलग कर दिया. इस बात से क्रोधित होकर शनि और उनकी माँ ने सूर्य देव को कुष्ठ रोग का श्राप दे दिया. पिता को कुष्ठ रोग से पीड़ित देख यमराज ने तपस्या की और फलस्वरूप सूर्य देव ठीक हो गए. ठीक होने के बाद सूर्य देव ने क्रोधित होकर शनि देव और उनके घर यानि कुम्भ राशि को जला दिया. यमराज की सौतेली बहन से ये सब देखा नहीं गया और उन्होने सूर्य देव को समझाया. इसके बाद सूर्य देव शनि देव से मिले गए. शनि देव का घर जल चुका था इसलिए अब उनके घर काले तिल के सिवाय कुछ नहीं बचा था. उन्होने अपने पिता की पूजा काले तिल से की. इसके बाद सूर्य देव ने शनि देव को दूसरा घर मकर राशि दिया. माना जाता है की तिल की वजह से शनि देव को सुख-शांति और पिता का सुख प्राप्त हुआ. तभी से मकर संक्रांति के दिन सूर्य भगवान की पूजा तिल के साथ की जाती है और तिल के लड्डू बनाए जाते हैं.

मकर संक्रांति के उपाय (Makar sankranti upay)

मकर संक्रांति के दिन निम्न उपाय जरूर करने चाहिए.

1) मकर संक्रांति पर सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करते समय जल को स्पर्श करते हुए यह मंत्र बोलें “गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती. नर्मदे सिंधु कावेरी जल स्मिन्न्सन्निधीं कुरु.” ये मंत्र आपको सभी पवित्र तीरथों का पुण्य देता है.

2) मकर संक्रांति के दिन नहाने के बाद तांबे के लोटे में जल भरे और उसमें लाल फूल, गुड़, तिल और चावल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए.

2) मकर संक्रांति के दिन तुलसी माता को जल चढ़ाएं और परिक्रमा करें.

3) मकर संक्रांति के दिन तिल का दान अवश्य करना चाहिए. आप चाहे तो गाय और गरीबों को तिल से बनी वस्तुयें दान कर सकते हैं.

4) मकर संक्रांति के दें मंदिर में गुड़ और काले तिल का दान करें और भगवान को तिल और गुड़ के बने लड्डू, गज़क और रेवड़ी का भोग लगाएं.

5) मकर संक्रांति के दिन आप नजदीकी शिवालय में जाकर शिवलिंग पर दूध में काले तिल मिलकर चढ़ाएं.

मकर संक्रांति के दिन राशि के अनुसार दान (Makar sankranti par rashi ke anusar daan)

मेष : मच्छरदानी और तिल का दान करें.

वृषभ : चाँदी, ऊनी वस्त्र और तिल से बनी चीजों का दान करें.

मिथुन : पीले रंग की वस्तु, तिल और मच्छरदानी का दान करें.

कर्क : साबुदाना, सफ़ेद ऊन या उससे बनी चीजें दान करें.

सिंह : तिल, कंबल और अन्न दान करें.

कन्या : तिल, कंबल, तेल, उड़द दाल का दान करें.

तुला : सप्त अन्न, गुड़, तेल, रुई, वस्त्र, राई, मच्छरदानी का दान करें.

वृश्चिक : चावल और दाल की कच्ची खिचड़ी, लाल कंबल और वस्त्र का दान करें.

धनु : स्वर्ण वस्तु, तिल व चने की दाल का दान करें.

मकर : तेल, तिल, कंबल, पुस्तक का दान करें.

कुम्भ : तिल, साबुन, वस्त्र, कंघी व अन्न दान करें.

मीन : तिल, चना, साबुदाना, कंबल व मच्छरदानी.

मकर संक्रांति की शुभकामनायें (Makar sankranti wishes 2020)

“मीठी बोली, मीठी जुबान,
मकर संक्रांति पर यही है पैगाम
मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनायें”

“तिल हम हैं और गुड़ हैं आप
मिठाई हम हैं और मिठास हैं आप
साल के पहले त्योहार से हो रही हैं शुरुवात
आपको हमारी तरफ से मकर संक्रांति की ढेर सारी मुराद”

“बाहर देखों मौसम खुशमिजाज़ हैं
सूर्य हंस रहा है और पेड़-पौधे नाच रहे हैं, चिढ़िया गा रही है
क्योंकि आपको मकर संक्रांति की शुभकमनाएं देने के लिए हमने उन्हें कहा है.”

“पल पल सुनहरे फूल खिलें, कभी न हो कांटो से सामना
जिंदगी आपकी खुशियों से भरी रहे मकर संक्रांति पर यही हमारी शुभकामना.”

“मीठे गुड़ में मिल गए तिल, उड़ी पतंग और खिल गए दिल
हर पल सुख और शांति, आप सब के लिए लाये मकर संक्रांति.”

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