वायरल फीवर से घबराएं नहीं, घरेलू उपायों से दूर होगा मौसमी बुखार

अक्सर मौसम में आने वाले बदलावों के कारण हर किसी को बुखार हो जाना आम बात है. आमतौर पर बुखार से बचने के लिए हम एलोपैथी दवाओं का सेवन कर लेते है. की बार बिना जाने इस तरह से दवाओं का सेवन सेहत पर बुरा असर डाल सकता है. ऐसे में ज़रूरी होता है कि हम जान लें की हम किस प्रकार के बुखार से पीड़ित हैं. क्यों कि बुखार के लक्ष्णों को देखकर ही उसका इलाज किया जाना चाहिए. 

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अक्सर मौसम में आने वाले बदलावों के कारण हर किसी को बुखार हो जाना आम बात है. आमतौर पर बुखार से बचने के लिए हम एलोपैथी दवाओं का सेवन कर लेते है. कई बार बिना जाने इस तरह से दवाओं का सेवन सेहत पर बुरा असर डाल सकता है. ऐसे में ज़रूरी होता है कि हम जान लें की हम किस प्रकार के बुखार से पीड़ित हैं.

बुखार के लक्षणों को देखकर ही उसका इलाज किया जाना चाहिए. मौसम में आने वाले बदलाओं से अक्सर वायरल फीवर हो जाता है. संक्रमण कई प्रकार के वायरस से भी हो सकता है. वायरल फीवर में ना सिर्फ मरीज उदास रहता है बल्कि ये फीवर उसके पूरे शरीर को प्रभावित करता है. 

जाने बुखार के कारण 

बुखार आने के कई कारण होते हैं, जैसे मौसम में आने वाले बदलाव, सर्दी-जुकाम से बुखार आना, किसी दवा के रिएक्शन करने से, ज़्यादा मेहनत करने से, अधिक गर्म वातावरण में रहने, पीरियड के समय, लू लगने से, बैक्टीरियल, वायरल फंगल इन्फेक्शन या किसी रोग के प्रभाव से भी बुखार आ सकता है. 

बुखार के लक्ष्ण 

सर व मांसपेशियों में दर्द, ठंड महसूस होना, शरीरिक कमज़ोरी, कमर में दर्द, त्वचा पर दाने निकलना, अधिक पसीना आना, चक्कर आना, कपकपी होना, बेहोश हो जाना आदि.

बुखार आने पर क्या करें 

बुखार आने पर मरीज को आरामदायक बिस्तर पर लिटा दें, टेम्परेचर लेने के बाद डॉक्टर से मरीज का चेकअप कराएं, मरीज को उबला हुआ पानी दें, डॉक्टर की सलाह अनुसार समय-समय पर दवाएं व सूप, जूस और फल दें. मरीज को यथासंभव हवादार कमरे में सुलाएं, मरीज़ के उपयोग किए कपड़ों को कीटनाशक से साफ करें. 

घरेलू उपाय करने से मिलेगा लाभ 

एक बाल्टी पानी में आधा कप सिरका डालकर करीब 10 से 15 मिनट इस पानी से मरीज़ को नहला दें. आलू के कुछ टुकड़ों को सिरके में डुबोकर मरीज के माथे पर बांध दें.

लहसुन की कच्ची कालियां खाएं, लहसुन की कलियों पर शहद लगाकर भी खा सकते हैं. लहसुन की दो कलियों को दो चम्‍मच ऑलिव ऑयल में मिलाकर गर्म करें और पैरों के तलों में मसाज करें. 

वायरल फिर होने पर मरीज़ के सिर पर गीली पट्टी रखने से लाभ मिलेगा. तुलसी की 10-15 पत्ती को तोड़कर कालीमिर्च के साथ पीसकर मरीज को खिलाएं.

नींबू, शहद और अदरक के रस के साथ तुलसी के रस को मिलाकर सुबह-शाम लेने से सर्दी-खांसी और बुखार दूर होगा. वायरल फीवर में खूब पानी पिएं. इसके अलावा, नींबू, पुदीना, शहद और अजवाइन आदि भी पानी के साथ मिलाकर लेने से फायदा होता है. 

(नोट : यह लेख आपकी जागरूकतासतर्कता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है. यदि किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.)

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