रेलवे स्टेशन पर क्या होता है जंक्शन, सेंट्रल और टर्मिनस का मतलब?

रेलवे स्टेशन के नाम के पीछे तीन तरह के शब्दों का इस्तेमाल होता है. जंक्शन, सेंट्रल और टर्मिनस. इसके अलावा काफी सारे स्टेशन के नाम के पीछे कुछ भी नहीं लिखा होता है. तो चलिये जानते हैं इन तीनों शब्दों का क्या मतलब होता है.

हर व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी रेल की यात्रा जरूर करता है. जब आप रेलवे स्टेशन पर जाते हैं तो वहाँ पर रेलवे स्टेशन के नाम के पीछे जंक्शन लिखा होता है. या फिर इसकी जगह पर सेंट्रल या टर्मिनस लिखा होता है.

रेलवे स्टेशन पर जंक्शन का मतलब क्या होता है? कई लोग इस बारे में नहीं जानते हैं. वहीं दूसरी ओर सेंट्रल और टर्मिनस जैसे शब्दों का मतलब भी काफी कम ही लोग जानते हैं. लेकिन ट्रेन में यात्रा करने वालों को जंक्शन, टर्मिनस और सेंट्रल शब्द का अर्थ पता होना चाहिए.

रेलवे स्टेशन के नाम के पीछे तीन तरह के शब्दों का इस्तेमाल होता है. जंक्शन, सेंट्रल और टर्मिनस. इसके अलावा काफी सारे स्टेशन के नाम के पीछे कुछ भी नहीं लिखा होता है. तो चलिये जानते हैं इन तीनों शब्दों का क्या मतलब होता है.

जंक्शन का क्या मतलब है? (What is Junction Railway Station?) 

जब भी आप किसी बड़े रेलवे स्टेशन पर जाते हैं तो उसके नाम के पीछे जंक्शन लिखा होता है लेकिन इसका मतलब ये बिलकुल भी नहीं होता कि हर बड़ा रेलवे स्टेशन जंक्शन हो. रेलवे की भाषा में जंक्शन का कुछ और मतलब होता है.

रेलवे की भाषा में जंक्शन उस रेलवे स्टेशन को कहा जाता है जहां पर ट्रेन के लिए एक से ज्यादा रूट होते हैं. मतलब यहाँ पर ट्रेन सिर्फ एक दिशा में आकर दूसरी दिशा में नहीं जाती बल्कि ऐसे स्टेशन से अलग-अलग रुट्स पर ट्रेन जा सकती है.

जैसे मध्य प्रदेश का इंदौर जंक्शन है. जहां से एक रूट देवास जाता है तो दूसरा रूट उज्जैन जाता है, वहीं तीसरा रूट महू जाता है. इस तरह इंदौर एक से ज्यादा रूट वाला रेलवे स्टेशन है. 

अतः जंक्शन ऐसे रेलवे स्टेशन को कहा जाता है जहां पर ट्रेन के जाने के लिए अलग-अलग रुट्स होते हैं. इस एक स्टेशन से ट्रेन दो या दो से ज्यादा अलग-अलग रूट पर जा सकती है. 

सेंट्रल रेलवे स्टेशन का मतलब क्या है? (What is Central Railway Station?)

काफी सारे रेलवे स्टेशन के नाम के पीछे आपने सेंट्रल लिखा हुआ देखा होगा. जैसे मुंबई सेंट्रल. ऐसे काफी सारे सेंट्रल रेलवे स्टेशन भारत में है. लेकिन फिर भी काफी लोग सेंट्रल रेलवे स्टेशन के बारे में नहीं जानते हैं.

जब एक शहर में काफी सारे रेलवे स्टेशन होते हैं तो उस शहर के सबसे पुराने और सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन को सेंट्रल रेलवे स्टेशन कहा जाता है. 

सेंट्रल रेलवे स्टेशन का मतलब होता है कि वो स्टेशन उस शहर का सबसे पुराना रेलवे स्टेशन है जो सबसे बिजी रेलवे स्टेशन मतलब उस स्टेशन पर उस शहर की सबसे ज्यादा ट्रेन आती है. ऐसे ही रेलवे स्टेशन को सेंट्रल रेलवे स्टेशन कहा जाता है. 

भारत में कुल 5 सेंट्रल रेलवे स्टेशन है.

1) कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन

2) चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन

3) मैंगलोर सेंट्रल रेलवे स्टेशन

4) मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन

5) तिरुअनंतपुरम सेंट्रल रेलवे स्टेशन

टर्मिनस रेलवे स्टेशन क्या होता है? (What is Terminas Railway Station?) 

कई सारे रेलवे स्टेशन के नाम के पीछे टर्मिनस लिखा होता है. इसका मतलब ही कई लोग नहीं जानते हैं. ये रेलवे स्टेशन सभी रेलवे स्टेशन से काफी अलग होते हैं. 

टर्मिनस या टर्मिनल ऐसे रेलवे स्टेशन को कहा जाता है जिनके आगे कोई रेलवे ट्रेक नहीं होता है. मतलब उस रेलवे स्टेशन से जिस दिशा में से ट्रेन आती है उसी दिशा में वापस जाती है.

उस स्टेशन पर दूसरी दिशा में जाने के लिए कोई रूट नहीं होता है. ऐसे रेलवे स्टेशन को टर्मिनस या टर्मिनल कहा जाता है. भारत में इनकी संख्या 27 है. जिसमें कुछ प्रमुख टर्मिनस रेलवे स्टेशन है. आनंद विहार टर्मिनल, बांद्रा टर्मिनल, भावनगर टर्मिनल, छत्रपती शिवाजी टर्मिनल, पुष्कर टर्मिनल, कोचीन हार्बर टर्मिनल आदि.

भारत में रेलवे स्टेशन के ये तीन प्रकार है. लेकिन भारत में काफी सारे छोटे रेल्वे स्टेशन भी होते हैं जिनके पीछे कुछ भी नहीं लिखा होता है. ये नॉर्मल रेल्वे स्टेशन होते हैं. इनमें एक रूट आने का होता है और एक जाने का होता है.

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